नागपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में चार महिलाओं की मौत के मामले के बाद वन विभाग ने बाघिन टी-2 के एक शावक को पकड़ लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बाघिन के तीन अन्य शावकों को पकड़ने के लिए भी अभियान लगातार जारी है।
यह घटना 22 मई को ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (टीएटीआर) के जंगल क्षेत्र में हुई थी। सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही गांव के पास स्थित जंगल में चार महिलाओं की जान चली गई थी। यह स्थान चंद्रपुर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर बताया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघिन टी-2 को शनिवार शाम रिजर्व के पवनपार बीट क्षेत्र में बेहोश कर पकड़ा गया था। हालांकि उस समय उसके शावक आसपास नहीं मिले थे। इसके बाद सोमवार को रैपिड रेस्क्यू टीम ने टीएटीआर के सिंदेवाही रेंज क्षेत्र से टी-2 के करीब दो वर्ष के एक शावक को पकड़ने में सफलता हासिल की। अधिकारियों ने बताया कि बाकी तीन शावकों को बेहोश कर पकड़ने की कार्रवाई अभी जारी है।
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के वन्यजीव पशु चिकित्सक और रैपिड रेस्क्यू टीम के प्रमुख डॉ. आरएस खोबरागड़े ने पीटीआई को बताया कि बाघिन और उसके शावकों को पकड़ने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली गई थी।
वन विभाग ने अभियान के तहत जंगल क्षेत्र में जीवित चारे की व्यवस्था की और मचान भी बनाए गए। इसके अलावा निगरानी के लिए तीन लाइव कैमरे तथा 30 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं ताकि शावकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पूरे क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और वनकर्मी शावकों की तलाश में जुटे हुए हैं।
मुख्य वन संरक्षक आरएम रामानुजम ने सोमवार को गुंजेवाही गांव पहुंचकर मृत महिलाओं के परिजनों से मुलाकात की। वन विभाग ने शुरुआत में प्रत्येक मृतक महिला के परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि दी थी। इसके बाद सोमवार को कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने वन विभाग की ओर से जारी 10 लाख रुपये का चेक पीड़ित परिवारों को सौंपा।