टिजुआना : फीफा विश्व कप शुरू होने में अब तीन सप्ताह से भी कम समय बचा है लेकिन ईरान की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हाल ही में एक नए घटनाक्रम ने इस चर्चा को और तेज कर दिया, जब ईरान की फुटबॉल टीम ने अपना ट्रेनिंग बेसकैंप अमेरिका से हटाकर मेक्सिको स्थानांतरित कर दिया। अब इस पूरे मामले पर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अमेरिका ईरान की मेजबानी नहीं करना चाहता, तब भी मेक्सिको को ईरानी फुटबॉल टीम के ट्रेनिंग कैंप की मेजबानी करने में कोई आपत्ति नहीं है।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम ने यह भी संकेत दिया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन नहीं चाहता था कि विश्व कप के दौरान ईरान की टीम अमेरिका में रहे। इसी वजह से फीफा ने मेक्सिको सरकार से संपर्क किया।
हाल के भू-राजनीतिक तनावों के बीच ईरान ने अपना ट्रेनिंग बेसकैंप अमेरिका से हटाकर मेक्सिको में शिफ्ट करने का फैसला लिया। इस फैसले के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्लाउडिया शेनबाउम ने कहा, “फीफा ने ही सबसे पहले मेक्सिको सरकार से संपर्क किया था। हमें बताया गया कि अमेरिकी प्रशासन विश्व कप के दौरान ईरानी फुटबॉल टीम को अमेरिका में रखने के पक्ष में नहीं है। इसके बाद फीफा ने हमसे पूछा कि क्या ईरान की टीम मेक्सिको में रह सकती है। हमने साफ कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है।”
हालांकि विश्व कप के ग्रुप चरण में ईरान को अपने तीनों मुकाबले अमेरिका में ही खेलने होंगे। फिलहाल ईरानी फुटबॉल टीम मेक्सिको के शहर तिहुआना में ठहरी हुई है। वहीं से टीम मैच खेलने के लिए अमेरिका जाएगी और मुकाबलों के बाद वापस लौटेगी।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन पहले ही घोषणा कर चुका था कि एरिज़ोना के टक्सन में प्रस्तावित बेसकैंप को बदलकर तिहुआना ले जाया जा रहा है। फेडरेशन ने इस बदलाव की वजह अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच जारी राजनीतिक परिस्थितियों को बताया था। बाद में फीफा ने भी इस बदलाव की पुष्टि कर दी।
क्लाउडिया शेनबाउम ने यह भी कहा कि विश्व कप के आयोजक देशों में शामिल होने के नाते मेक्सिको सरकार लगातार फीफा के संपर्क में है, ताकि सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
विश्व कप में ईरान को ग्रुप ‘G’ में रखा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद 21 जून को उसी मैदान पर उसका सामना बेल्जियम से होगा। ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला 26 जून को सिएटल में खेला जाएगा, जहां ईरान की टक्कर मिस्र से होगी।