लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मझोला इलाके में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार मृतक पवन ठाकुर की हत्या कथित तौर पर उनकी पत्नी, उसके प्रेमी और अन्य सहयोगियों ने मिलकर की। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना शनिवार की बताई जा रही है जबकि मामला मंगलवार को सार्वजनिक हुआ।
पुलिस के मुताबिक पवन ठाकुर की पत्नी आंचल (24) विवाहेतर संबंध में थीं। बताया जा रहा है कि पवन को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी जिसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी विवाद के बाद पवन की हत्या की साजिश रची गई।
पवन की मौत के बाद उनके परिवार की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पवन के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि पवन को बिजली के झटके दिए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को आंचल के व्यवहार पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आंचल ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आंचल, उसके कथित प्रेमी और रिश्ते में भतीजे अंकित (21) आंचल की बहन शिखा (18) और शिखा के मित्र अजय (19) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि पवन और आंचल की शादी छह साल पहले हुई थी। दोनों की तीन साल की एक बेटी भी है। आरोप है कि हाल के दिनों में आंचल का अपने रिश्ते के भतीजे अंकित के साथ विवाहेतर संबंध शुरू हुआ था। पवन को जब इसकी जानकारी मिली तो घर में तनाव बढ़ गया। बताया गया कि आंचल ने इस पूरे मामले की जानकारी अपनी बहन शिखा को भी दी थी। पुलिस के अनुसार इसके बाद आंचल, अंकित, शिखा और अजय ने मिलकर पवन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना से चार दिन पहले आंचल ने अपनी बहन शिखा को घर बुलाकर रुकने के लिए कहा था। घटना वाले दिन कथित तौर पर पहले पवन को जबरन जहर पिलाने की कोशिश की गई। हालांकि पवन ने विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बांध दिया और करीब तीन घंटे तक बिजली के झटके दिए।
पुलिस का कहना है कि जब पवन की हालत बेहद गंभीर हो गई तब उन्हें जबरन जहर पिलाया गया। मौत के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई। आरोप है कि पवन के शव को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया गया ताकि यह लगे कि उनकी मौत गिरने से हुई है। बाद में पड़ोसियों को बुलाकर बताया गया कि पवन ने जहर खा लिया था और सीढ़ियों से गिरने के कारण उनकी जान चली गई।
पवन के परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वह कुछ समय से अपनी जान के खतरे के डर से पीड़ित थे। रिश्तेदारों का दावा है कि लगभग तीन महीने पहले पवन ने अपनी बहन को फोन किया था। सूत्रों के अनुसार, पवन ने फोन में किसी बड़े खतरे की आशंका व्यक्त की थी। लेकिन उस समय परिवार के किसी ने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।