🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

अनिल अंबानी की कंपनियों के पूर्व निदेशकों पर मुंबई पुलिस का शिकंजा, ₹150 करोड़ की धोखाधड़ी में FIR दर्ज

मुंबई पुलिस ने अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े पूर्व निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर एक्सिस बैंक के 150 करोड़ रुपये के लोन की धोखाधड़ी का आरोप है।

By लखन भारती

May 26, 2026 12:30 IST

नई दिल्ली: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोमवार को अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने बैंक से 150 करोड़ रुपये का लोन लिया, उसे दूसरे कामों में डाइवर्ट किया और फिर लोन चुकाने में डिफॉल्ट कर गए। यह ADAG से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ एक्सिस बैंक (Axis Bank) की शिकायत पर दर्ज की गई दूसरी एफआईआर है।

EOW के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला एक्सिस बैंक के उपाध्यक्ष प्रकाश प्रभाकर राव की शिकायत पर कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता राव ने इससे पहले इसी साल मार्च महीने में भी अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों और उनके कई निदेशकों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई थी।

किन-किन के खिलाफ दर्ज हुआ केस ?

-- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के तत्कालीन पूर्णकालिक निदेशक

-- ADAG के भीतर लाभार्थी कंपनियों के तत्कालीन निदेशक

-- अनिल अंबानी ग्रुप के संबंधित कंपनी अधिकारी

2010 से 2019 के बीच हुआ घोटाला

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह वित्तीय अपराध जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के तत्कालीन निदेशकों के साथ मिलकर बैंक को धोखा देने और उसे वित्तीय नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से एक आपराधिक साजिश रची।

लोन हासिल करने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज जमा किए, गलत जानकारियां दीं और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) की वित्तीय स्थिति को लेकर भ्रामक खुलासे किए। जैसे ही लोन की रकम मिली, उसे ग्रुप से जुड़ी अन्य कंपनियों के खातों में डाइवर्ट कर दिया गया।

मार्च में भी दर्ज हुआ था ऐसा ही मामला

इसी साल 12 मार्च को भी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इन्हीं आधारों पर अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। अब यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है।

Articles you may like: