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नॉर्वे शतरंज 2026 के पहले दिन बड़े उलटफेर, फिरोज़ा ने मैग्नस कार्लसन को हराकर नॉर्वे शतरंज 2026 में मचाया सनसनी

विश्व नंबर एक कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में मिली हार।

By शिखा सिंह

May 26, 2026 15:31 IST

ओस्लो : नॉर्वे शतरंज 2026 के उद्घाटन दिन सबसे बड़ा उलटफेर फ्रांस के ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फिरोज़ा ने किया। उन्होंने सोमवार को ओस्लो में खेले गए क्लासिकल मुकाबले में विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को हराकर प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली।

फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फिरोज़ा हाल ही में बुखारेस्ट में आयोजित सुपर चेस क्लासिक के दौरान टखने की चोट से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने शानदार खेल से घरेलू दर्शकों के चहेते मैग्नस कार्लसन को मात दी। मुकाबला काफी तनावपूर्ण और जटिल रहा। लंबे समय तक ऐसा लग रहा था कि कार्लसन स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं, लेकिन समय के दबाव ने अंत में उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। फिरोज़ा ने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया और कार्लसन की अहम गलतियों का पूरा फायदा उठाया।

चेस डॉट कॉम के अनुसार, मुकाबले के बाद मैग्नस कार्लसन ने स्वीकार किया कि उन्होंने अलीरेज़ा फिरोज़ा की आक्रामक रणनीति को 'गंभीर रूप से कम आंका' था। कार्लसन ने यह भी माना कि 22 वर्षीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले के दौरान उन्हें लगातार कठिन परिस्थितियों में डाले रखा।

फिरोज़ा ने अपने बढ़त वाले खेल को बेहद सटीक तरीके से अंत तक पहुंचाया और ओपन वर्ग में दिन की एकमात्र क्लासिकल जीत दर्ज की। टूर्नामेंट की विशेष अंक प्रणाली के तहत उन्हें इस जीत के लिए तीन अंक मिले।

पहले दौर में विश्व चैंपियन डी. गुकेश और जर्मनी के विंसेंट कीमर के बीच मुकाबला भी बेहद नाटकीय रहा। एंडगेम में कीमर ने गुकेश पर पूरी तरह दबाव बना लिया था और जीत की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन भारतीय युवा खिलाड़ी ने असाधारण रक्षात्मक खेल दिखाते हुए 144 चालों तक मुकाबला बचाए रखा। इसके बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में गुकेश ने वापसी करते हुए जीत दर्ज की और 1.5 अंक हासिल किए।

भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने भी शानदार शुरुआत की। उन्होंने क्लासिकल मुकाबले में वेस्ली सो के खिलाफ ड्रॉ खेलने के बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में जीत हासिल की। निर्णायक मुकाबले में प्रज्ञानानंदा ने बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हुए अतिरिक्त आधा अंक अपने नाम किया।

महिला वर्ग में कजाखस्तान की ग्रैंडमास्टर बिबिसारा अस्सौबायेवा एकमात्र क्लासिकल विजेता रहीं। उन्होंने भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले में हराया। बिबिसारा ने जटिल परिस्थितियों को आत्मविश्वास के साथ संभाला और अपने बढ़त को सटीकता से जीत में बदलते हुए तीन अंकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

ग्रैंडमास्टर झू जिनेर ने भी टूर्नामेंट में यादगार शुरुआत की। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद आर्मगेडन टाईब्रेक में मौजूदा चैंपियन अन्ना मुजिचुक को हराया।

भारत की दिव्या देशमुख ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को आर्मगेडन मुकाबले में हराकर अपने अभियान की यादगार शुरुआत की। क्लासिकल चरण में मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने के बाद दिव्या ने निर्णायक मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया।

13 वर्षों तक स्टावेंगर में आयोजित होने के बाद इस बार नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता को ओस्लो में आयोजित किया जा रहा है। इस साल टूर्नामेंट की मेजबानी डाइखमैन ब्योर्विका पब्लिक लाइब्रेरी कर रही है। प्रतियोगिता का अनोखा प्रारूप पहले की तरह बरकरार है, जिसमें क्लासिकल मुकाबले की जीत पर तीन अंक दिए जाते हैं, जबकि ड्रॉ होने पर मुकाबला आर्मगेडन टाईब्रेक तक जाता है।

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