मुंबई : “टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज” के नासिक स्थित बीपीओ कार्यालय में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की जांच में अब एक नया मोड़ सामने आया है। जांच के दौरान एक नई महिला का नाम सामने आया है— ‘हानिया’। इस मामले की जांच नासिक पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मितके के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी निदा एजाज खान की व्हाट्सऐप चैट इस मामले में बेहद अहम साबित हो रही है। इन्हीं चैट संदेशों में ‘हानिया’ नाम का उल्लेख मिला है।
जांच सूत्रों के मुताबिक, एक चैट में निदा खान ने अपने एक रिश्तेदार से कहा था “मैं आज हानिया के साथ बाहर जा रही हूं।” इस पर रिश्तेदार ने पूछा, “हानिया कौन है?” जवाब में निदा ने लिखा, “वही लड़की जिसने धर्म परिवर्तन किया है।”
एसआईटी का मानना है कि ‘हानिया’ कोई और नहीं बल्कि इस मामले की शिकायतकर्ता ही हैं, जिनकी शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ। जांच एजेंसी के अनुसार, शिकायतकर्ता की धार्मिक पहचान बदलने की कथित बड़ी साजिश के तहत उनका नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने की योजना बनाई गई थी। एसआईटी का दावा है कि निदा खान और अन्य आरोपी आपस में शिकायतकर्ता को इसी नाम से संबोधित करने लगे थे।
विशेष जांच दल ने अदालत में लगभग 1,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें चार आरोपियों के नाम शामिल हैं— दानिश एजाज शेख, तौसिफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल। पुलिस के अनुसार जांच की शुरुआत में ही दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, निदा खान फरार थीं और उन्हें 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर स्थित एक फ्लैट से हिरासत में लिया गया।
इसी फ्लैट के कारण इस मामले में एआईएमआईएम के कॉरपोरेटर मतीन मजीद पटेल का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार जिस फ्लैट में निदा खान छिपी हुई थी वह फ्लैट छत्रपति संभाजीनगर के इस जनप्रतिनिधि का था। फरार आरोपी को शरण देने के आरोप में एसआईटी ने उन्हें भी सह-आरोपी बनाया है। नासिक पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें नोटिस जारी कर पेश होने को कहा हैं।