लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार को 2025 में शुरू की गई अपनी बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति के तहत अब तक 3,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है जबकि लगभग 900 होमस्टे और फार्मस्टे इकाइयों का पंजीकरण अब तक किया जा चुका है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
पर्यटन विभाग ने बताया कि इस नीति को बढ़ते पर्यटन प्रवाह और धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सुलभ एवं किफायती आवास की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। इनमें अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन और आगरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत के बाद से इस नीति के तहत आवेदनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में होमस्टे की सबसे अधिक भागीदारी वाराणसी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज और लखनऊ में देखी जा रही है जबकि ग्रामीण होमस्टे तेजी से बुंदेलखंड क्षेत्र में विकसित हो रहे हैं, विशेषकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और झांसी में। इसके अलावा बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर जैसे जिले भी ग्रामीण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
सरकार ने कहा है कि यह नीति स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जहां परिवार अपने खाली कमरों को आवासीय इकाइयों में बदल रहे हैं। इससे विशेष रूप से सेवानिवृत्त व्यक्तियों, महिला-प्रधान परिवारों और खाली संपत्तियों वाले परिवारों को लाभ मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।
नीति के तहत होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है। पंजीकृत इकाइयां योजना के तहत लाभ और पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से प्रचार-प्रसार सहायता प्राप्त करने की पात्र होंगी।
नीति ढांचे के अनुसार शहरी और ग्रामीण होमस्टे में अधिकतम छह कमरे और 12 बिस्तर तक की अनुमति है। बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों में जहां मालिक परिसर में नहीं रहते वहां एक केयरटेकर की नियुक्ति अनिवार्य है।
बयान में कहा गया है कि पंजीकृत इकाइयों पर बिजली, पानी, गृह कर और सीवर कर की दरें आवासीय श्रेणी के अनुसार ही लागू रहेंगी। लाभार्थी प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल के लिए सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा मनोहर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट पंजीकृत इकाइयों से जुड़े आठ सहायक कर्मचारियों को निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करेगा।