कोलकाताः पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ रही गर्मी और चिपचिपी उमस के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। अलीपुर मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि बुधवार 27 मई 2026 से राज्य में कालबैशाखी का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण बिहार के ऊपर बने घूर्णवात और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के प्रभाव से मौसम तेजी से करवट लेने वाला है।
इस सिस्टम का असर झारखंड और ओडिशा के रास्ते दक्षिण बंगाल तक पहुंचेगा, जिसके कारण कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इससे लोगों को लंबे समय से जारी पछुआ गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
पुरुलिया सबसे गर्म, कई जिलों में तापमान गिरेगा
मंगलवार को पुरुलिया राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पश्चिम बर्धमान जैसे पश्चिमी जिलों में भी भीषण गर्मी और उमस का असर बना रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार से कई जिलों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। दिन के शुरुआती हिस्से में उमस बनी रहेगी, लेकिन दोपहर के बाद बादल घिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल के इन जिलों में ज्यादा असर
मौसम विभाग ने बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व तथा पश्चिम बर्धमान जिलों में कालबैशाखी और भारी बारिश की अधिक संभावना जताई है।
इन इलाकों में तेज गर्जना, बिजली चमकने और आंधी के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर शिलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, हुगली और पूर्वी मेदिनीपुर में भी मौसम के अचानक बदलने की आशंका है। यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है।
गुरुवार और शुक्रवार को बढ़ेगा प्रभाव
अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में कालबैशाखी जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान हवा की गति कई जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
तेज बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आएगी, लेकिन कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई गई है।
उत्तर बंगाल में भी जारी रहेगा खराब मौसम
उत्तर बंगाल में पिछले दिनों हुई भारी बारिश की तुलना में बुधवार से बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं होगा। शुक्रवार तक यहां कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी में बुधवार दोपहर तक कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि गुरुवार को उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में भी कालबैशाखी जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि शनिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कलिम्पोंग, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कई हिस्सों में करीब 7 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई, हालांकि उमस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
फसलों और आम के बागानों को नुकसान का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और आंधी के कारण फसलों, आम के बागानों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। खुले इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
शहरी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।
लोगों के लिए जारी की गई सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। गरज और बिजली के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने को कहा गया है। किसान, मछुआरे और लंबी यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।