बैरकपुरः पश्चिम बंगाल के बैरकपुर के आनंदपुरी सेंट्रल रोड इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वृद्ध महिला अपने पति के निधन के बाद लगभग 10 दिन तक उनके शव के साथ घर में ही रही। इस दौरान बदबू को छिपाने के लिए धूप और इत्र का सहारा लिया गया।
इलाके में फैली बदबू से बढ़ी आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से इलाके में लगातार तेज दुर्गंध महसूस की जा रही थी, लेकिन शुरुआत में इसका स्रोत स्पष्ट नहीं हो पाया। धीरे-धीरे जब दंपति को घर से बाहर नहीं देखा गया और बदबू बनी रही, तो पड़ोसियों को शक हुआ।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने दरवाजा तोड़ा
सूचना मिलने पर टिटागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस टीम और स्थानीय लोग हैरान रह गए।
कमरे में 75 वर्षीय चिकित्सक शक्तिपद देबनाथ का शव पड़ा मिला। उनके पास ही उनकी 65 वर्षीय पत्नी और पूर्व शिक्षिका मनीषा मौजूद थीं। पूरे घर में धूप और इत्र की तेज गंध फैली हुई थी, जिससे शुरुआती दिनों में बदबू बाहर नहीं आ पाई थी।
करीब 10 दिन तक शव के साथ रहने का अनुमान
स्थानीय लोगों का कहना है कि दंपति कई दिनों से घर से बाहर नहीं दिखे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला ने अपने पति के शव के साथ लगभग 10 दिन तक घर में समय बिताया और इस दौरान बदबू को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासी पार्थ पोद्दार के अनुसार घर से धूप और इत्र की तेज गंध आ रही थी, जिससे शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। बाद में स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि महिला की मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चिकित्सक शक्तिपद देबनाथ की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।