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'लाडू' बकरा का जलवा, काजू-बादाम के साथ खाता है 'रजनीगंधा', नहीं मिलने पर दिखाता है तेवर

अजमेर की बकरा मंडी में बकरीद से पहले 'सलमान', 'शाहरुख' और 'लाडू' नाम के बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, सोजत नस्ल का 'लाडू' बकरा काजू-बादाम के साथ 'रजनीगंधा' खाने का शौकीन है।

By लखन भारती

May 27, 2026 07:10 IST

कल गुरुवार को बकरीद है। राजस्थान के अजमेर के बकरा बाजार में भले ही इस बार बकरीद पर रौनक कम है, लेकिन इसके बावजूद अच्छी नस्ल के बकरे बेचने के लिए दूर-दूर से व्यापारी यहां आए हुए हैं, जिनमें कई बकरों के नाम बॉलीवुड स्टार्स और रॉयल सरनेम के नाम पर रखे गए हैं। इनमें कोई 'सलमान' है, तो कोई 'शाहरुख', जबकि 'सुल्तान', 'युवराज' और 'फारूक' जैसे नाम भी खरीदारों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इसके बाद भी इनमें से एक बकरे ने इन सबको पछाड़ते हुए खरीदारों को बेहद आकर्षित किया है। वह है लाडू नाम का बकरा है। इसकी अजीब और अनोखी हरकतों ने इसे महंगे बकरों की लाइन में ला खड़ा किया है। पशु पालकों का दावा है कि लाडू को रजनीगंधा बहुत पसंद है।

लाडू को रजनीगंधा खाने की आदत है

लाडू के मालिक का कहना है कि उसे रजनीगंधा खाने की आदत है। असल में, वह अपना ज़्यादातर समय दरगाह के आस-पास ही बिताता था, जिसकी वजह से वहां आने वाले लोग उसे मजे के लिए रजनीगंधा खिलाते थे, जो अब उसकी आदत बन गई है। हालत यह है कि अगर पहले किसी ने उसे रजनीगंधा खिलाया हुआ है, तो वह उसे सींग मारकर दुबारा खिलाने का इशारा करता है।

दूध, दही, छाछ है इसकी डाइट में शामिल

लाडू के मालिक का कहना है कि रजनीगंधा के अलावा उसे दिनभर काजू, बादाम, दूध, दही, छाछ और घी भी दिया जाता है। इसे गोल गप्पे (फुचका) भी खाने का बेहद शौक है। अच्छी डाइट के कारण यह बेहद वजनदार लगता है और सोजत नस्ल का होने के कारण इसकी मंडी में मांग भी है।

खाड़ी देशों में बेहद पसंद किए जाते सोजत नस्ल के बकरे

सोजत नस्ल का बकरा अजमेर मंडी में करीब डेढ़ लाख रुपए में बिक रहा है, जबकि इसकी जोड़ी की कीमत तीन लाख रुपए तक पहुंच गई है। पशुपालकों के मुताबिक इन खास बकरों की डाइट भी बेहद शाही होती है। इन्हें चने की दाल, छाछ, दही और सर्दियों में तेल, गुड़ व अंजीर खिलाए जाते हैं। इनमें से कई बकरे एसी और कूलर में रखे जाते हैं। एक बकरे पर हर महीने लगभग 10 हजार रुपए तक खर्च होता है। क्योंकि अच्छी नस्ल, खास डाइट और आकर्षक बनावट के बकरों को खाड़ी देशों के शेख काफी पसंद करते है।

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