भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग भड़क उठी है। हर गुजरते हुए पल के साथ आग विकराल रूप लेता जा रहा है। आग के साथ धुएं का गुबार सैंकड़ों फीट की ऊंचाई तक उठता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने आसपास के इलाकों को खाली करवा दिया है और वन विभाग आग बुझाने की कोशिशों में जुट गयी है।
हिमाचल प्रदेश में जहां बारिश का अलर्ट होने की वजह से उम्मीद जतायी जा रही है कि जंगल की आग बुझ सकती है, वहीं उत्तराखंड में आग बुझाने वाले के लिए 1 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की गयी है।
उत्तराखंड में लगातार फैल रही है आग
हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के जंगलों में भी भीषण आग फैल गयी है। वन विभाग की तरफ से बताया गया है कि बढ़ता तापमान, लंबा सूखा और अल-नीनो जैसे कारणों की वजह से जंगलों में आग बेकाबू हो गए हैं।
आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने और सूखे का दौर लंबा खींचने की वजह से परिस्थिति के और गंभीर होने की आशंका जतायी गयी है। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 1 लाख रुपए से लेकर 75 हजार और 51 हजार रुपए का नगद पुरस्कारी की घोषणा की है।
NDTV की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दावानल को रोकने के लिए वन विभाग ने 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को तैनात रखा है। बताया जाता है कि दावानल की चपेट में आने से चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और नैनीताल में अब तक 330 हेक्टेयर जंगल खाक हो चुका है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के जंगलों का दावानल के हिमालय के ग्लेशियरों तक पहुंचने की संभावना है। बताया जाता है कि बांझ के जंगलों में बारिश और भूमि की नमी मिट्टी को दरकने से रोकती है। लेकिन इस बार यह जंगल भी खतरे से घिर गया है। बताया जाता है कि गढ़वाल क्षेत्र में आग ने सबसे अधिक विकराल रूप लिया है।
उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही आग का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो :-
#WATCH | Solan, Himachal Pradesh | A massive forest fire stretches across the Kyarighat village area of ‹‹Kandaghat. Residents and administrative officials are actively working to douse the fire. pic.twitter.com/ZDx9lCFjBu
— ANI (@ANI) May 26, 2026
हिमाचल प्रदेश में ली जा रही हेलिकॉप्टर की मदद
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सोलन जिले के कंडाघाट से आग क्यारीघाट के पहाड़ी इलाकों में फैल गयी है। जंगल में लगी भयानक आग से पेड़ धू-धू कर जल रहे हैं। फायर ब्रिगेड, वन विभाग और स्थानीय लोग आग को बुझाने की दिन-रात कोशिशें कर रहे हैं।
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों के साथ-साथ हेलिकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है। बताया जाता है कि कसौली के जंगेसू, थारुगढ़ और मनौण गांवों के पास तक जंगल की आग फैल चुकी है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों पर आग को बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स में वन विभाग के हवाले से बताया गया है कि इस सीजन में 25 मई तक उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की करीब 382 घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिसमें सैकड़ों हेक्टेयर के जंगल नष्ट हो गए हैं और एक महिला की मौत हो चुकी है।
वहीं पिछले 10 सालों में दावानल के 14,638 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें 23,682 हेक्टेयर से ज्यादा जंगलों को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। सरकार के साथ स्थानीय लोग मिलकर अब जंगलों को बचाने की कोशिशों में जुट चुके हैं।