🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

CBSE OSM सिस्टम में खामियां उजागर, धर्मेंद्र प्रधान बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

7 लाख छात्रों की कॉपियों की डिजिटल जांच में सामने आईं तकनीकी दिक्कतें। IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञों को सॉफ्टवेयर समीक्षा की जिम्मेदारी।

By श्वेता सिंह

May 28, 2026 13:29 IST

नई दिल्लीः सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रभावित करने वाली किसी भी अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे सीबीएसई (CBSE) के भीतर हों या बाहर।

धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई मुख्यालय में बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक कर कक्षा 12 की पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी व भुगतान संबंधी समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस बार पहली बार OSM प्रणाली लागू की गई, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाना था।

Read also | CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में सेंध के दावों को बताया गलत

मंत्री ने कहा कि इस वर्ष करीब 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी और लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। प्रत्येक कॉपी के करीब 40 पन्नों को स्कैन किया गया, जिसके चलते लगभग 40 करोड़ पन्नों का डिजिटल प्रोसेसिंग कार्य हुआ।

उन्होंने माना कि नई व्यवस्था में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं, लेकिन सभी छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञों को सीबीएसई की तकनीकी टीम के साथ जोड़कर सॉफ्टवेयर की जांच और सुधार का काम शुरू कर दिया गया है।

Read also| CBSE परीक्षा मूल्यांकन विवाद: राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, मोदी-शाह पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

छात्रों को फीस भुगतान में हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों-स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के पेमेंट गेटवे को सीबीएसई पोर्टल से जोड़ा है।

राहुल गांधी द्वारा सीबीएसई परिणामों में “बड़े पैमाने पर छेड़छाड़” के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी नियमों के तहत हुई है। उन्होंने विपक्षी दलों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील करते हुए कहा कि इस समय छात्रों के मानसिक दबाव को कम करना सबसे जरूरी है।

इस बीच, सीबीएसई ने भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा URL केवल परीक्षण वेबसाइट थी, जिसमें नमूना डेटा मौजूद था। बोर्ड के अनुसार, वास्तविक OSM मूल्यांकन पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है और उससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई।

Articles you may like: