बेंगलुरूः कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार सुबह उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक शुरू हुई। इस बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात और गले मिलने की तस्वीरों ने राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को और हवा दे दी।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व राज्य में सत्ता परिवर्तन के फॉर्मूले पर गंभीरता से विचार कर रहा है और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।
‘कावेरी’ आवास पर जुटे मंत्री और नेता
मुख्यमंत्री आवास पर सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। डीके शिवकुमार के अलावा राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और कांग्रेस नेता भी वहां पहुंचे। इनमें प्रियंक खड़गे, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी और एच.के. पाटिल प्रमुख रहे। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।
इन बैठकों ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य में किसी बड़े राजनीतिक फैसले की तैयारी में है।
ढाई साल से चल रही थी सत्ता साझा करने की चर्चा
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने के फॉर्मूले की चर्चा होती रही है। सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद यह अटकलें और तेज हो गई थीं कि कांग्रेस नेतृत्व नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला ले सकता है।
अब सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि पार्टी आलाकमान बदलाव के मूड में है।
दिल्ली में हुई थी कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात
दो दिन पहले सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी।
हालांकि कांग्रेस की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है।
समर्थकों में उत्साह, मिठाइयां बांटी गईं
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं के बीच उनके समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बेंगलुरु स्थित उनके आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटीं और जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।
कई समर्थकों ने इसे कांग्रेस के भीतर नई राजनीतिक शुरुआत का संकेत बताया।
कांग्रेस की नजर राजनीतिक संतुलन पर
कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों बड़े जनाधार वाले नेता माने जाते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसी भी फैसले से पहले राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में जुटा है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कब और क्या फैसला लेता है।