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गरीबों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान, अब अगले पांच साल तक मिलता रहेगा मुफ्त राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी। राशन दुकानों तक अनाज पहुंचाने वाली एजेंसियों को मिलेगी आर्थिक सहायता।

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने मुफ्त राशन मिलता रहेगा।

सरकार ने योजना के प्रभावी संचालन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत बनाने के लिए 25,530 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। केंद्र का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाना है, ताकि लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

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बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ‘सार्थक-पीडीएस’ पहल के जरिए देशभर की राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक स्वरूप देने जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लाभार्थियों को पहले की तरह मुफ्त खाद्यान्न मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा कि अब राज्यों में राशन वितरण से जुड़ी एजेंसियों को राज्य सरकारों के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह मदद खासतौर पर गोदामों से राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होगी। सरकार का मानना है कि इससे परिवहन खर्च कम होगा और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार राशन वितरण प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल को भी तेजी से बढ़ाने जा रही है। नई व्यवस्था में ऑटोमेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और स्मार्ट डिवाइस का उपयोग किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और चोरी या भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

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इसके साथ ही सरकार ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ योजना को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इस व्यवस्था के तहत लाभार्थी देश के किसी भी राज्य में अपने राशन कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। केंद्र का मानना है कि डिजिटल और एकीकृत प्रणाली से प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

हालांकि, राशन डीलरों के संगठन ने कमीशन में की गई बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के महासचिव विश्वंभर बसु ने कहा कि प्रति किलो केवल 10 पैसे का इजाफा मौजूदा महंगाई को देखते हुए बेहद कम है। उनके मुताबिक, बढ़ती लागत और बाजार दरों के मुकाबले यह वृद्धि डीलरों के लिए राहत देने वाली नहीं है।

केंद्र सरकार का दावा है कि नई नीतियों और तकनीकी सुधारों के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को ज्यादा मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि गरीब तबके तक बिना बाधा खाद्यान्न पहुंच सके।

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