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फीफा पर कानूनी शिकंजा, विश्व कप टिकटों की कीमत और वितरण पर जांच शुरू

टिकट खरीदने वालों ने सीट बदलने का लगाया आरोप, नई टिकट कैटेगरी से दर्शकों में बढ़ा असंतोष।

न्यूयॉर्क : फीफा विश्व कप जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है। अब फीफा को टिकटों की कीमत और वितरण प्रणाली को लेकर कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल ने फीफा की टिकट व्यवस्था और उसकी बिक्री प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है।

इस जांच का मुख्य केंद्र न्यू जर्सी का मेटलाइफ स्टेडियम है, जहां विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और न्यू जर्सी की अटॉर्नी जनरल जेनिफर डैवेनपोर्ट इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। दोनों अधिकारियों ने फीफा को सबपोना यानी कानूनी नोटिस जारी किया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, कई फुटबॉल प्रशंसकों ने शिकायत की है कि टिकट खरीदने से पहले उन्हें ऑनलाइन जिस सीट या लोकेशन की जानकारी दिखाई गई थी, टिकट खरीदने के बाद उन्हें किसी दूसरी जगह की सीट आवंटित कर दी गई। इसके अलावा आरोप यह भी है कि फीफा की सार्वजनिक घोषणाओं और टिकट उपलब्धता को लेकर बनाई गई रणनीति के कारण टिकटों की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी हुई। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर फीफा को कानूनी नोटिस भेजा गया है।

अटॉर्नी जनरल जेनिफर डैवेनपोर्ट ने आरोप लगाया है कि फीफा ने ‘टिकटों की कमी’ का कृत्रिम माहौल तैयार किया। आरोप है कि कुछ ब्लॉकों के टिकट जानबूझकर रोककर रखे गए ताकि बाजार में कमी का माहौल बने और टिकटों की कीमतें तेजी से बढ़ जाएं। फुटबॉल प्रशंसक पहले से ही इस तरह की शिकायतें करते रहे हैं, लेकिन पहली बार किसी कानून प्रवर्तन एजेंसी की ओर से इस मामले में औपचारिक कार्रवाई की गई है।

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने कहा कि किसी भी प्रशंसक को सीट पाने के लिए आसमान छूती कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों को भरोसे के साथ वही सीट मिलनी चाहिए जिसके लिए उन्होंने भुगतान किया है।

इस बार फीफा ने विश्व कप के टिकटों के लिए ‘डायनैमिक प्राइसिंग’ प्रणाली को मंजूरी दी है। इसका मतलब यह है कि एक ही ब्लॉक के सभी टिकटों की कीमत समान नहीं रहेगी। जैसे-जैसे टिकटों की संख्या कम होती जाएगी, वैसे-वैसे कीमतें बढ़ती जाएंगी। इसी वजह से इस बार विश्व कप टिकटों की औसत कीमत करीब एक हजार डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि शुरुआती आधार मूल्य केवल 60 डॉलर था। पिछले सभी विश्व कपों की तुलना में इस बार टिकटों की कीमतें कहीं अधिक बताई जा रही हैं।

टिकट बिक्री शुरू होने के बाद फीफा ने अचानक एक नई टिकट श्रेणी भी शुरू कर दी। मैदान के सबसे नजदीक स्थित रो की सीटों को इस नई श्रेणी में शामिल किया गया और उनकी कीमतें बढ़ा दी गईं। इसका असर उन दर्शकों पर पड़ा जिन्होंने पहले ही सामने की पंक्तियों के टिकट खरीद लिए थे। बाद में उन्हें दूसरी जगह की सीटें आवंटित कर दी गईं।

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