🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

कॉकरोच जनता पार्टी के X अकाउंट को अनब्लॉक करने पर हाईकोर्ट ने राहत से किया इनकार

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ X अकाउंट मामले में हाईकोर्ट का रुख सख्त। रिव्यू कमेटी को जल्द निर्णय का निर्देश, केंद्र का पक्ष सुनना जरूरी: हाईकोर्ट।

By श्वेता सिंह

May 29, 2026 13:14 IST

नई दिल्लीः दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को व्यंग्य आधारित डिजिटल आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के एक्स अकाउंट को तुरंत अनब्लॉक करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकलपीठ ने कहा कि बिना केंद्र सरकार का पक्ष सुने किसी भी तरह की अंतरिम राहत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि मामले के व्यापक कानूनी और नीतिगत प्रभाव हो सकते हैं।

रिव्यू कमेटी को निर्णय लेने का निर्देश

अदालत ने हालांकि मामले में आगे बढ़ते हुए आईटी नियमों के तहत गठित रिव्यू कमेटी को निर्देश दिया कि वह पूरे प्रकरण की विस्तृत समीक्षा करे और 7 जुलाई 2026 से पहले अपना निर्णय दे।

न्यायालय ने यह भी अनुमति दी कि याचिकाकर्ता अभिजीत दीपके वर्चुअल रूप से समिति के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। अदालत ने कहा कि यदि समिति संतुष्ट होती है, तो वह स्वयं ब्लॉकिंग आदेश को हटाने का अधिकार रखती है।

केंद्र और एक्स को नोटिस

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एक्स (पूर्व ट्विटर) को नोटिस जारी करते हुए याचिका पर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की गई है।

अदालत ने यह स्पष्ट किया कि रिव्यू कमेटी को सभी पहलुओं पर विचार कर अपना निर्णय रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करना होगा, जिसके बाद अदालत आगे की कार्रवाई करेगी।

Read also| कॉकरोच जनता पार्टी: मीम से शुरू हुआ आंदोलन, क्या बनेगा राजनीतिक दल?

‘पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना गलत’ -याचिकाकर्ता का तर्क

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने दलील दी कि ‘सीजेपी’ का पूरा प्लेटफॉर्म व्यंग्य पर आधारित है। उनका कहना था कि यदि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक मानी गई हों, तो केवल उन्हें हटाया जाना चाहिए था, पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ब्लॉकिंग आदेश की प्रति अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अदालत की टिप्पणी: मामला शुरुआती चरण में

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ब्लॉकिंग आदेश रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है और केंद्र सरकार का जवाब आने के बाद ही आगे विचार किया जाएगा।

न्यायालय ने कहा कि यह कानून अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है, इसलिए जल्दबाजी से बचना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि अन्य मामलों में आंशिक सामग्री हटाई गई थी, लेकिन इस मामले की परिस्थितियां अलग प्रतीत होती हैं।

Read also| 'कॉकरोच जनता पार्टी' का पहला अकाउंट भारत में हुआ बंद तो दूसरा खोला और कहा 'Cockroach is Back'

संगठन की पृष्ठभूमि और डिजिटल आंदोलन का विस्तार

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। यह डिजिटल आंदोलन मई 2026 में उस विवाद के बाद चर्चा में आया, जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।

मूल एक्स अकाउंट को 21 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद समूह ने ‘कॉकरोच इज़ बैक’ नाम से नया अकाउंट शुरू किया, जिसके वर्तमान में 2,27,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। यह आंदोलन खुद को युवाओं के मुद्दों-बेरोजगारी, परीक्षा लीक (नीट-यूजी 2026), शिक्षा सुधार और किसान समस्याओं को व्यंग्य के माध्यम से उठाने वाला मंच बताता है।

राजनीतिक और डिजिटल अभिव्यक्ति पर बहस तेज

इस मामले ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकार की कंटेंट ब्लॉकिंग शक्तियों पर नई बहस छेड़ दी है। रिव्यू कमेटी को अब व्यंग्य की प्रकृति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आंशिक ब्लॉकिंग जैसे सभी पहलुओं की जांच करनी है।

अदालत का 7 जुलाई से पहले आने वाला निर्णय डिजिटल आंदोलनों और सोशल मीडिया मॉडरेशन के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

Articles you may like: