जयपुर : राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अचानक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब तेज बारिश और तेज हवाओं ने भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। यह जानकारी कोटपूतली से सामने आई है।
पिछले कई दिनों से क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू के कारण आम जनता काफी परेशान थी, लेकिन बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई। तेज बारिश और हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन किसानों ने इसे कृषि दृष्टि से पूरी तरह लाभकारी नहीं माना।
किसानों के अनुसार, इस समय नौतपा का चौथा दिन चल रहा है, और इस अवधि में धरती का अत्यधिक गर्म होना आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि नौतपा के दौरान मिट्टी की गहराई तक गर्मी पहुंचने से खेतों में मौजूद कीट-पतंगे नष्ट हो जाते हैं, जिससे आगामी रबी फसल के लिए लाभ मिलता है।
किसानों का कहना है कि यदि पूरे नौतपा काल में तेज गर्मी बनी रहती है तो खेतों की प्राकृतिक सफाई होती है और फसलों में कीट संक्रमण कम होता है। हालांकि इस बारिश ने वातावरण को ठंडा कर दिया और आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर प्रदान की।
बारिश के बाद पूरे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम काफी सुहावना हो गया। देर रात तक चली तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि कमजोर ढांचों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और आने वाले समय में लगातार बारिश के दौर के लिए तैयार रहें।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लू की स्थिति में कमी आने की संभावना है, हालांकि राजस्थान, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह स्थिति कुछ समय तक बनी रह सकती है।
महेश पलावत ने कहा कि वर्तमान प्री-मानसून बारिश का दौर अप्रैल और मई की शुरुआत की तुलना में अधिक मजबूत है। उन्होंने बताया कि राजस्थान-हरियाणा सीमा पर विकसित हुआ यह मौसम तंत्र 30 मई तक दिल्ली क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है और उसके बाद गुजरात की ओर बढ़ सकता है।