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जनगणना से बदलेगी बंगाल की तस्वीर, CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

1 अगस्त 2026 से शुरू होगा अभियान, ऑनलाइन सेल्फ-एनुमरेशन, जाति गणना और सीमा क्षेत्रों की निगरानी पर रहेगा खास फोकस।

By श्वेता सिंह

May 29, 2026 16:05 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त 2026 से जनगणना का व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह सिर्फ जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार का आधार बनेगी। यह अभियान फरवरी 2027 तक चलेगा और पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के जरिए संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार ने जनगणना प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया है। उनके मुताबिक, यह आंकड़े आने वाले वर्षों में राज्य की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करेंगे।

ऑनलाइन फॉर्म से घर-घर सर्वे तक पूरी तैयारी

इस बार नागरिकों को डिजिटल सुविधा दी गई है। लोग 1 से 15 अगस्त तक se.census.gov.in पोर्टल पर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रशासनिक टीमें घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग करेंगी, जिसमें मकानों, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

फरवरी 2027 में दूसरे चरण के तहत जनसंख्या गिनती का काम होगा। सरकार का दावा है कि डिजिटल व्यवस्था से डेटा अधिक सटीक होगा और योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1931 के बाद पहली बार जाति आधारित आंकड़ों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इससे सामाजिक योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण में मदद मिलेगी।

सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर सरकार का बड़ा फोकस

शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की सीमा सुरक्षा को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश सीमा 2216.7 किलोमीटर लंबी है और कई इलाकों में अब तक फेंसिंग अधूरी है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं कराई, जिससे कई सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव तेज हुए। नई सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही 600 एकड़ जमीन BSF को देने का फैसला लिया है, ताकि फेंसिंग का काम तेजी से पूरा हो सके।

उन्होंने कहा कि नई जनगणना से अवैध घुसपैठ और सीमा क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। सरकार इसे सुरक्षा और विकास दोनों के लिए अहम कदम मान रही है।

पूर्व सरकार पर देरी का आरोप, नई व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली TMC सरकार और तत्कालीन प्रशासन पर जनगणना में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जून 2025 में ही प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से इसे टाल दिया गया।

नई सरकार ने अब राज्य स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सही जानकारी दें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

उन्होंने कहा, “जनगणना राज्य की असली तस्वीर सामने लाएगी। इससे विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता भी मजबूत होगी।”

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