नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और राजस्थान में 12 स्थानों पर एक बड़े पैमाने की छापेमारी की। यह कार्रवाई सीमा पार हथियार तस्करी और आतंकवाद से जुड़े संभावित नेटवर्क को बेनकाब करने के उद्देश्य से की गई। उत्तर प्रदेश में पांच, महाराष्ट्र में तीन और बिहार व राजस्थान में दो-दो स्थानों पर यह तलाशी अभियान चलाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जैसवीर चौधरी नामक पाकिस्तानी संदिग्ध और उसके भारतीय सहयोगियों से जुड़ी सूचना पर आधारित है। जैसवीर और उसके सहयोगी पंजाब, दिल्ली और अन्य हिस्सों में धमाके की योजना बना रहे थे।
पहले पुलिस, फिर एनआईए
यह मामला शुरुआत में पंजाब पुलिस द्वारा इस साल दर्ज किया गया था। 10 फरवरी को पंजाब की राज्य विशेष संचालन इकाई (SSOC) ने सूचना प्राप्त की कि जैसवीर चौधरी के निर्देश पर उसके सहयोगियों ने भारत-पाक सीमा के जरिए ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और IED का बड़ा खेप मंगाया था। इन हथियारों का उद्देश्य पंजाब, दिल्ली और अन्य हिस्सों में बम धमाके करना था।
जांच की व्यापकता और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के कारण, 21 मार्च को यह मामला एनआईए को सौंपा गया। एनआईए ने अब तक सभी संदिग्धों और उनके सहयोगियों की पहचान और ट्रैकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ड्रोन और आधुनिक तस्करी तकनीक
जांचकर्ताओं ने बताया कि हथियारों और विस्फोटकों को ड्रोन के जरिए लाने की योजना ने मामले की गंभीरता और जटिलता को बढ़ा दिया। यह तकनीक सीमा पार तस्करी की नई रणनीति को उजागर करती है और पता लगाना चुनौतीपूर्ण बना देती है।
एनआईए की कार्रवाई में स्थानीय सहयोगियों और स्लीपर सेल्स की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है, जो प्लान किए गए हमलों में मदद कर सकते थे। अधिकारियों का कहना है कि चार राज्यों में यह तलाशी अभियान आतंकवादियों की लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को समझने और उन्हें बेअसर करने का महत्वपूर्ण कदम है।