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एशियाई चैंपियनशिप 2026 पर प्रणति नायक की नजर, चोट के बावजूद पदक जीतने को तैयार

कोच अशोक मिश्रा फिटनेस और लैंडिंग तकनीक पर कर रहे हैं काम।

कोलकाता : भारतीय जिम्नास्टिक्स की अनुभवी खिलाड़ी प्रणति नायक की नजर अब अगले महीने चीन में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप पर टिकी है। 31 वर्षीय जिम्नास्ट किसी भी कीमत पर इस प्रतियोगिता में पदक जीतकर एशियाई खेलों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहती हैं। हालांकि उनके टखने के लिगामेंट की चोट अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद उनका आत्मविश्वास और लक्ष्य दोनों पहले की तरह मजबूत हैं।

शुक्रवार दोपहर भुवनेश्वर से अपने कोच अशोक मिश्रा के साथ एक वर्चुअल बातचीत में प्रणति नायक ने भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “यदि शरीर ने कोई नई समस्या पैदा नहीं की तो मैं इस वर्ष एशियाई चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में हिस्सा लूंगी। इसके साथ ही मेरा लक्ष्य 2028 ओलंपिक खेलों के लिए भी क्वालीफाई करना है।”

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला की रहने वाली प्रणति नायक पिछले कुछ वर्षों से बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की तलाश में ओडिशा में रह रही हैं। उन्होंने गुरुवार से भुवनेश्वर स्थित हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर में कोच अशोक मिश्रा की देखरेख में अभ्यास शुरू कर दिया है।

उनकी तैयारियों के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) हर तरह की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय खेल मंत्रालय उनके कोच और फिजियोथेरेपिस्ट के पारिश्रमिक का भी वहन कर रहा है, ताकि उनकी तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

टखने की चोट के कारण प्रणति पिछले छह महीने से किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले वह बुखार से भी प्रभावित हो गई थीं। इसके बाद कोच अशोक मिश्रा के निर्देश पर उन्होंने ताशकंद में आयोजित वर्ल्ड चैलेंज कप में हिस्सा लिया।

वहीं उन्होंने अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार रजत पदक जीता। इससे पहले प्रणति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कांस्य पदक जीत चुकी थीं, लेकिन रजत पदक उनके करियर का नया अध्याय साबित हुआ।

प्रणति के कोच अशोक मिश्रा का मानना है कि दीपा करमाकर के बाद भारत की सबसे सफल जिम्नास्ट प्रणति नायक ही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रणति को पूरी तरह फिट रखना है।

अशोक मिश्रा ने आगे कहा, “यदि उन्हें एशियाई चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में पदक जीतना है, तो उन्हें अपने स्कोर में और सुधार करना होगा।”

इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कोच फिलहाल प्रणति को डबल मैट पर बेहद सावधानी के साथ परफेक्ट लैंडिंग का विशेष प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका मानना है कि बेहतर लैंडिंग और तकनीकी सटीकता से प्रणति के प्रदर्शन में और निखार आएगा तथा वह बड़े मंचों पर पदक जीतने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा कर सकेंगी।

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