ओटावा : कनाडा में एक दर्दनाक घटना में केरल के युवा मार्शल आर्ट खिलाड़ी हृषीकेश कोलोथ की भालू के हमले में मौत हो गई। 27 वर्षीय हृषीकेश का सपना था कि वह एक दिन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) की दुनिया के सबसे बड़े मंच यूएफसी में उतरें, लेकिन इससे पहले ही उनकी जिंदगी का सफर अचानक खत्म हो गया। यह हादसा कनाडा के उत्तरी सस्केचेवान के एक सुनसान इलाके में हुआ, जहां वह काम कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक 8 मई को हृषीकेश सस्केचेवान के नॉर्डबी लेक इलाके में यूरेनियम खोज परियोजना में कार्यरत थे। वह वैंकूवर की कंपनी यूरेनियमएक्स डिस्कवरी कॉर्प के लिए अनुबंध आधारित कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। काम के दौरान अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि वहां मौजूद एक अन्य कर्मचारी को आत्मरक्षा में भालू को गोली मारनी पड़ी। बाद में जांच के लिए भालू के शव को पशु चिकित्सा कॉलेज भेजा गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भालू के शरीर में कोई बीमारी थी या किसी अन्य वजह से उसने इतना खतरनाक हमला किया। इस हमले में हृषीकेश की मौके पर ही मौत हो गई।
हृषीकेश करीब तीन साल पहले अपने बड़े भाई अर्जुन के साथ रहने के लिए कनाडा गए थे। नौकरी के साथ-साथ वह नियमित रूप से एमएमए का अभ्यास भी करते थे। बचपन से ही उन्हें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स से खास लगाव था और वह लंबे समय से इसकी ट्रेनिंग ले रहे थे। उनका सबसे बड़ा सपना था कि एक दिन वह यूएफसी में मुकाबला करें।
हृषीकेश के भाई अर्जुन ने बताया, “यही उसका सबसे बड़ा सपना था। वह इसी लक्ष्य को लेकर यहां आया था। वह यूएफसी में खेलना चाहता था।”
अर्जुन ने आगे कहा कि हृषीकेश लगातार ट्रेनिंग करते थे और परिवार व दोस्तों को भरोसा था कि वह भविष्य में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे। भाई को खोने के दर्द को बयान करते हुए अर्जुन ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि सब कुछ इस तरह अचानक खत्म हो जाएगा।”
घटना के बाद कनाडा पुलिस और वन्यजीव विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर हमला किन परिस्थितियों में हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सस्केचेवान में इस तरह के जानलेवा भालू हमले बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। यह अब तक का चौथा ऐसा मामला है। इससे पहले वर्ष 2020 में एक महिला की भी भालू के हमले में मौत हुई थी।