अभिषेक बनर्जी के घर से निकलकर CID की टीम कुणाल घोष के घर पर पहुंची। सुकिया स्ट्रीट पर स्थित कुणाल घोष के घर पर CID की चार सदस्यीय टीम पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा में फर्जीवाड़ा से संबंधित मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार को बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष के घर पर CID की टीम पहुंची।
परिषदीय पार्टी की बैठक में परिषदीय दल के नेताओं या अन्य अधिकारियों का चुनाव होता है। लेकिन आरोप लगाया जा रहा है कि तृणमूल के विरोधी नेता के चुनाव में ऐसा नहीं किया गया। तृणमूल का दावा है कि गत 6 मई को तृणमूल कांग्रेस की ओर से विरोधी नेता पद के समर्थन में एक प्रस्तावपत्र विधानसभा में जमा की गयी थी।
इस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को इस पद के लिए मनोनित किया गया था। पत्र को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लिखा था। इस पत्र को 70 विधायकों के हस्ताक्षर के साथ जमा किया गया था।
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यह पत्र विधानसभा सचिवालय के स्कैनर में भेजा गया था जहां कुछ विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर संदेह व्यक्त किया गया। सवाल उठाया गया कि विधायकों ने खुद से हस्ताक्षर किया था अथवा उनके हस्ताक्षर की नकल की गयी है। यहीं जानने के लिए नयना बंद्योपाध्याय, कुणाल घोष, बहरुल इस्लाम जैसे विधायकों के घर पर CID की टीम पहुंची। स्कैनर में चंद्रनाथ सिन्हा और तापस माइति का हस्ताक्षर भी आया।
दावा किया गया कि तृणमूल ने जो पत्र जमा किया उसमें कई ऐसे विधायकों का नाम और हस्ताक्षर था जो उस दिन विधानसभा में उपस्थित ही नहीं थे। विधानसभा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हेयर स्ट्रीट थाना में शिकायत दर्ज करवायी। इसी मामले की अब CID जांच कर रही है।
शनिवार (30 मई) की दोपहर को पहले हरिश मुखर्जी रोड पर अभिषेक बनर्जी के घर पर और कालीघाट रोड पर ऑफिस पर CID की टीम पर पहुंची। कालीघाट रोड के पते पर अभिषेक बनर्जी को CID के अधिकारियों ने एक नोटिस भी दिया।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भवानी भवन में उन्हें तलब किया गया है। इस बात को लेकर सरगर्मियां छायी हुई थी और इसी बीच कुणाल घोष के घर पर CID की टीम पहुंची। कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जांच अधिकारी जो भी प्रश्न पूछेंगे उसका वह जवाब देंगे।