नयी दिल्लीः म्यांमार (Myanmar) के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को बिहार के गया जिले स्थित पवित्र महाबोधि मंदिर में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। यह स्थल बौद्ध धर्म के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में दर्ज है।
वे एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के पांच दिवसीय दौरे पर आए हैं, जिसमें कई मंत्री और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। यह यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गया में हुआ राजकीय स्वागत
राष्ट्रपति के आगमन पर बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और राज्य के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उनका स्वागत किया। उन्हें एयरपोर्ट पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
स्वागत के बाद वे सीधे बोधगया पहुंचे, जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान बुद्ध के समक्ष श्रद्धा अर्पित की।
बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
राज्य मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बोधगया की यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करती है। उन्होंने इसे साझा बौद्ध विरासत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।
भारत-म्यांमार सहयोग पर व्यापक बातचीत
यह दौरा केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। आगामी दिनों में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात प्रस्तावित है, जिसमें व्यापार, सीमा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1 जून को उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होनी है। इसके साथ ही वे एक व्यापार मंच में भी शामिल होंगे।
दौरे के अगले चरण में 2 जून को वे मुंबई जाएंगे, जहां उद्योग और व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बातचीत और औद्योगिक स्थलों का दौरा किया जाएगा।