वैदिक ज्योतिष में रंगों का विशेष महत्व है। विभिन्न रंग हमारे ऊपर विभिन्न तरह से प्रभाव डालते हैं। आज हम पीले रंग के बारे में चर्चा करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में पीले रंग को अत्यंत शुभ माना जाता है। कई लोग हाथ में पीली डोरी बाँधते हैं। पीला रंग श्री विष्णु का प्रिय है। देव गुरु बृहस्पति का भी प्रिय रंग पीला है। जानें हाथ में पीली डोरी बाँधने के क्या-क्या लाभ हैं ?
पीले धागे के लाभ
हिंदू धर्म में पीले धागे का विशेष महत्व है। प्रचलित विश्वास के अनुसार कलाई में पीला धागा बांधने पर एक साथ नारायण और बृहस्पति की कृपा मिलती है। हाथ में पीला धागा जीवन में सकारात्मकता लाता है और आपकी सभी कोशिशों को सफल बनाता है। हाथ में पीला धागा बांधने पर विष्णु प्रसन्न होते हैं। इसके फलस्वरूप कुंडली में बृहस्पति की स्थिति मजबूत होती है। देवगुरु के प्रभाव से आपके जीवन में उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे और रुके हुए सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे होंगे।
पीले धागे के प्रभाव से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति आती है। इसके कारण मन पर से दबाव कम होता है। मन शांत होने और सही निर्णय लेने में आपको आसानी होती है।
शुभ अवसरों पर हम अक्सर कलाई में पीला धागा बांधते हैं। इसके कारण उस शुभ अवसर का पूरा लाभ मिलने का प्रचलित विश्वास है। पीले धागे का शुभ प्रभाव व्यक्ति पर लंबे समय तक रहता है।
नकारात्मक ऊर्जा से भी पीला धागा हमारी रक्षा करता है। यदि कोई आपकी बुरी नजर डालता है, तो पीला धागा आपकी ढाल बनकर आपको बचा सकता है। हालांकि, हर 21 दिन में इस धागे को बदलना जरूरी है। अन्यथा, इसके शुभ प्रभाव कम होने लगते हैं।
पीला धागा हाथ में बाँधने के लिए उपयुक्त दिन है बृहस्पतिवार। बृहस्पतिवार की सुबह श्रीविष्णु की पूजा करें और विष्णु मंत्र का जाप करते हुए पीला धागा कलाई में बाँध लें। महिलाएँ इसे बाईं कलाई में बाँधें और पुरुष इसे दाईं कलाई में बाँधें।