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दुर्गापूजा में पीएम मोदी का हो सकता है बंगाल दौरा, अमित शाह व राजनाथ सिंह भी आ सकते हैं

तृणमूल सरकार के समय दुर्गापूजा के विसर्जन को लेकर जो कर्निवाल आयोजित होता था, उस योजना में भी नाम परिवर्तन सहित कई बदलाव देखे जा सकते हैं।

By लखन भारती

Jun 01, 2026 11:25 IST

कोलकाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल आने की संभावना उनकी आधिकारिक यात्राओं और राजनीतिक कार्यक्रमों पर निर्भर करती है। अभी तक दुर्गा पूजा के दौरान उनके बंगाल दौरे की कोई आधिकारिक या निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है लेकिन उम्मीद है कि इस बार दुर्गापूजा में पीएम मोदी बंगाल आएंगे और कई पूजा पंडालों को उद्घाटन भी करेंगे। नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय नेता भी दुर्गापूजा में दिखाई पड़ने वाले हैं। हालांकि पिछले कई सालों से अमित शाह दुर्गापूजा में आते रहे हैं। यहां तक कि वे भाजपा नेता व विधायक सजल घोष के संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गापूजा पंडाल को उद्घाटन करते हैं। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बार के दुर्गापूजा में कुछ और रंग दिखाई पड़ेगा। यहां तक माहौल बदलेगा और रौनक का मिजाज भी बदलेगा। वैसे तो

अक्सर त्योहारों के मौसम में पीएम मोदी वर्चुअली (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) पूजा पंडालों का उद्घाटन करते हैं और बंगाल के लोगों को शुभकामनाएं देते हैं। पिछले साल दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में दुर्गापूजा में शामिल हुए थे प्रधानमंत्री। हालांकि, उनके कार्यक्रमों में इस बार बदलाव हो सकता है। वैसे भी प्रधानमंत्री के आगामी दौरों की सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर नज़र रखने पर मोदी के बंगाल दौरे की जानकारी हासिल हो जाएगी। इस बार सब कुछ ठीक रहा तो कोलकाता में ही देवी दुर्गा की पूजा कर सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

बंगाल में दुर्गा पूजा का इतिहास लगभग 450 साल पुराना है। इसकी शुरुआत 15वीं-16वीं शताब्दी में जमींदारों और राजाओं द्वारा अपने महलों में व्यक्तिगत रूप से की गई थी। 18वीं सदी के अंत में, बारह दोस्तों ने मिलकर पहली बार सार्वजनिक 'बारोयारी' (सार्वजनिक) पूजा शुरू की। आज यह यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी है।

बंगाल के दुर्गापूजा को वैश्विक बनाना चाहती है बीजेपी की केंद्रीय नेतृत्व। पहले ही कुछ साल पहले बंगाल के इस शाश्वत पर्व को 'इंटैन्जिबल हेरिटेज' का टैग यूनेस्को ने दिया है। लेकिन बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद सत्ता में आई बीजेपी चाहती है कि, शब्दशः अर्थ में दुर्गोत्सव का वैश्वीकरण हो। दिल्ली में बीजेपी सूत्रों का दावा है कि इस बार प्यूजा में दुनिया के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट व्यक्तियों को बंगाल में आमंत्रित किया जाएगा। इस साल त्योहार के दौरान कलकत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित भारी भाजपा नेता उपस्थित हो सकते हैं। बंगाल बीजेपी की शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ चर्चा करके दुर्गापूजा-केंद्रित विशेष योजना बनाई जाएगी।

हालाँकि बंगाल की दुर्गापूजा को विश्वव्यापी बनाने के प्रयास में पूजा की मूल भावना में कोई बदलाव नहीं होगा, यह याद दिला रहे हैं भाजपा नेता। पूजा के वैश्वीकरण की रूपरेखा बनाने के काम में 'ओवरसीज़ फ्रेंड ऑफ भाजपा' संगठन मददगार हो सकता है। पार्टी के 'विदेश विभाग' के अधीनस्थ प्रभावशाली इस शाखा संगठन दुनिया के विभिन्न देशों में सक्रिय है। 1991 में स्थापना के बाद फिलहाल यह अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा सहित यूरोप और अफ्रीका के विभिन्न देशों में सक्रिय है। भाजपा चाहती है कि ऐसे संगठन की मदद से बंगाल की दुर्गापूजा के साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैले बंगाली और भारतीयों को और अधिक एकजुट किया जा सके।

पंचांग के अनुसार मातृ आराधना के बाद प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी आँखें खींचने वाली योजना रहेगी, सूत्रों का दावा है। तृणमूल सरकार के समय दुर्गापूजा के भसानों को लेकर जो कर्निवाल आयोजित होता था, उस योजना में भी नाम परिवर्तन सहित कई बदलाव देखे जा सकते हैं।

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