नई दिल्लीः बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 30 मई को 104.9 किलोग्राम गांजा बरामद किया और इसके परिवहन में कथित रूप से शामिल दो लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में दी।
मंत्रालय के अनुसार देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए डीआरआई लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में बिहार में यह कार्रवाई की गई। वित्त मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान डीआरआई की लखनऊ जोनल इकाई ने बिहार में विभिन्न अभियानों के दौरान अवैध बाजार में लगभग 46.5 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए हैं। इस अवधि में अलग-अलग मामलों में 31 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
बीते एक वर्ष में की गई बरामदगी में 107.5 किलोग्राम चरस, 1,277.81 किलोग्राम गांजा, 18.92 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक वीड, 6 किलोग्राम कोकीन, 112.8 ग्राम हेरोइन तथा अवैध रूप से डायवर्ट की गई कोडीन आधारित कफ सिरप की 8,012 बोतलें शामिल हैं।
डीआरआई ने संगठित तस्करी गिरोहों के खिलाफ समन्वित अभियान चलाए हैं। ये अभियान भारत सरकार के “नशा मुक्त भारत” के लक्ष्य के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मादक पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है।
मंत्रालय ने डीआरआई की कोचीन इकाई द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ का भी उल्लेख किया। इस अभियान के तहत कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए। इनमें मेथाक्वालोन, मेथामफेटामिन और हैशिश ऑयल जैसे पदार्थ शामिल थे।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये अभियान इस बात का संकेत हैं कि डीआरआई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों माध्यमों से संचालित संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सतर्कता और लक्षित कार्रवाई जारी रखे हुए है। राजस्व खुफिया निदेशालय समाज को नशीले पदार्थों के खतरे से सुरक्षित रखने और अवैध तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने के अपने संकल्प पर दृढ़ता से कायम है।