म्यांमार के राष्ट्रपति भारत दौरे पर हैं। इस बीच म्यांमार के एक गांव में भीषण विस्फोट की जानकारी मिली है जिसमें कम से कम 55 लोगों के मरने और 70 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह विस्फोट खनन में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों के आकस्मिक विस्फोट के कारण हुआ।
शान राज्य के नामखाम जिले में, जहां विस्फोट हुआ वहां एक प्राथमिक बचावकर्मी ने बताया कि इस धमाके में 6 बच्चों सहित 46 लोग मारे गए और 70 से अधिक लोग घायल हुए।
शवों के दबे होने की आशंका
बचावकर्मियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि भीषण विस्फोट से कई घर नष्ट हो गए और घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। संभावना जतायी जा रही है कि क्षतिग्रस्त घरों के नीचे और भी शव दबे हो सकते हैं। बताया जाता है कि शवों को अंतिम संस्कार के लिए आपातकालीन बचाव कर्मियों द्वारा एकत्र किया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में सेना द्वारा तख्तापलट करके सत्ता हथियाने के बाद से म्यांमार गृहयुद्ध में फंसा हुआ है, जहां सशस्त्र बल लोकतंत्र समर्थक गुरिल्लाओं और शक्तिशाली जातीय अल्पसंख्यक सशस्त्र समूहों से लड़ रहे हैं।
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म्यांमार के सबसे शक्तिशाली जातीय अल्पसंख्यक गुटों में से एक, ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (टीएनएलए) ने कहा कि रविवार (31 मई) को दोपहर लगभग 12:00 बजे नामखाम में खनन और पत्थर की खदानों में इस्तेमाल होने वाले रखे हुए विस्फोटकों में अचानक विस्फोट हो गया।
NDTV की मीडिया रिपोर्ट में टीएनएलए के एक बयान के हवाले से कहा गया है कि इस विस्फोट के कारण कई स्थानीय ग्रामीणों की जान चली गई और कई घायल हो गए। उनके घरों को नुकसान पहुंचा है। हालांकिमरने वालों की सटीक संख्या नहीं बताई गयी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समूह ने कहा कि विस्फोटक उसके आर्थिक विभाग के थे और विस्फोट के सटीक कारण की जांच की जा रही है। म्यांमार में कई विद्रोही समूह सरकार की सेना के खिलाफ अपने हमले और अपना अभियान चलाने के लिए रेयर अर्थ मैटेरियल के खनन पर निर्भर हैं। मगर इनके पास सुरक्षा उपकरण नहीं होते जिस वजह से यहां ऐसी दुर्घटनाएं घट रही हैं।