🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

कहीं साइलेंट ब्रेकअप की तरफ तो नहीं बढ़ रहा आपका रिश्ता, इन तरीकों से पहचाने

इसमें रिश्ता तोड़ते यानी ब्रेकअप के समय एक-दूसरे के साथ बैठकर आपस में बातचीत करना तो दूर, अपने पार्टनर से अलग होते समय उसे बताना भी जरूर नहीं समझा जाता है।

By Moumita Bhattacharya

May 31, 2026 20:43 IST

अक्सर झगड़े, आपसी मनमुटाव और एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करना...ब्रेकअप को लेकर इस तरह की बातें तो सामान्य सी बाते हैं। लेकिन कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता और उनका रिश्ता खत्म हो जाता है। या फिर जब तक बात समझ में आती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

इस तरह के ब्रेकअप को 'इमोशनल फेडिंग' अथवा 'सॉफ्ट एक्जीक्यूशन' कहा जाता है। यह आधुनिक ब्रेकअप का एक ऐसा रास्ता है जिसे खासतौर पर जेन ज़ी अपनाते हैं। इसमें रिश्ता तोड़ते यानी ब्रेकअप के समय एक-दूसरे के साथ बैठकर आपस में बातचीत करना तो दूर, अपने पार्टनर से अलग होते समय उसे बताना भी जरूर नहीं समझा जाता है।

ऐसे में कैसे समझेंगे कि आपका रिश्ता अनजाने में ही ऐसे साइलेंट ब्रेकअप की तरफ बढ़ रहा है? अचानक से एक दिन अहसास होगा कि आपदोनों के बीच बातें करने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। सामने बैठा इंसान कभी आपके समय के लिए आपसे ही लड़ता था अब वह बस कुछ और ख्यालों में खोया रहता है। आप दोनों को एक-दूसरे की करीबी भी पसंद नहीं आएगी।

Read Also | Elephant Camp जाने से पहले जान लें ये 5 नए नियम, वरना रोमांच रह सकता है अधूरा

कैसे समझेंगे कि टूट रहा है रिश्ता?

  1. साइलेंट ब्रेकअप अचानक से किसी दिन नहीं होता है। यह धीरे-धीरे और लंबे समय तक होता है। एक-दूसरे से बातें कम हो जाना, बात करने का मन नहीं करना कुछ इस तरफ ही इशारा करती है।
  2. पहले पूरे दिन का हाल और दिल का हाल एक-दूसरे को सुनाए बिना चैन नहीं मिलता था। लेकिन अब बस छोटे-छोटे टेक्स्ट मैसेज या फिर सिर्फ जरूरत के समय कॉल आने लगा है।
  3. आपका पार्टनर हर वक्त व्यस्त रहने के बहाने ढूंढता है। कुछ कहता तो नहीं है लेकिन आपके साथ समय बिताने में दिलचस्पी भी नहीं लेता।
  4. आपके करीब आना, आंखों की गहराईयों में झांकना, आंखों में देख कर बातें करना, हाथ पकड़ना, कंधे पर सिर रखना जैसे व्यवहारों में कमी।
  5. पहले जैसे रुठना और मनाना नहीं होता। एक-दूसरे को उनके हाल पर छोड़ देना।
  6. पार्टनर भविष्य की योजनाओं पर बातें नहीं करना चाहता या टाल जाता हो।

Read Also | स्क्रॉलिंग छोड़, ऊन-बुनाई में रुचि ले रही Gen Z, शौक की सूची में शामिल हो रही दादी-नानी के हाथ का काम

जानकारों का कहना है कि अक्सर युवा झगड़ों से तंग आकर ही साइलेंट ब्रेकअप का रास्ता चुनते हैं। ब्रेकअप की बात कहने पर रोना-धोना और मेलोड्रामा अब लोगों को पसंद नहीं। भावनात्मक रूप से भी ब्रेकअप की बात कहना कई बार मुश्किल भरा काम होता है। इसलिए युवा साइलेंट ब्रेकअप का रास्ता चुनते हैं।

लेकिन साइलेंट ब्रेकअप से यह समझ में नहीं आता कि आखिर रिश्ते में गलती क्या हुई? पार्टनर को कौन सी बात पसंद नहीं आयी या कौन सी आदत को बदलने से रिश्ते को बचाया जा सकता था। हर समय व्यक्ति इस हीन भावना में जीता है कि शायद मेरी ही कोई गलती की वजह से रिश्ता टूटा।

Articles you may like: