कोलकाताः पश्चिम बंगाल में लंबे समय से लंबित बकाया महंगाई भत्ता (डीए) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य सचिवालय नबान्न में हुई अहम बैठक के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें बढ़ गई हैं। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने दावा किया है कि आगामी राज्य बजट में डीए को लेकर कोई सकारात्मक घोषणा हो सकती है, जिससे वर्षों से लंबित मांग को आंशिक राहत मिलने की संभावना बन सकती है।
मुख्यमंत्री के साथ सीधा संवाद, संगठनों ने रखी अपनी मांग
कोलकाता स्थित नबान्न के 14वें तल पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रमुख कर्मचारी संगठनों के बीच सोमवार को करीब एक घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक में संग्रामी संयुक्त मंच समेत चार प्रमुख संगठन-कॉन्फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लॉयीज, यूनिटी फोरम और पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधि शामिल थे।
बैठक के दौरान कर्मचारियों ने ROPA 2009 के तहत 42% बकाया डीए को चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने की मांग दोहराई। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार की ओर से सकारात्मक रुख देखने को मिला।
संगठन का दावा है कि बजट में मिल सकता है राहत का संकेत। संग्रामी संयुक्त मंच के प्रतिनिधि भास्कर घोष ने बैठक के बाद बताया कि मुख्यमंत्री ने 22 जून को पेश होने वाले पूर्ण बजट में कर्मचारियों के हित में कोई सकारात्मक घोषणा करने का आश्वासन दिया है। इस बयान के बाद कर्मचारी संगठनों में उत्साह बढ़ गया है और लंबे समय से चली आ रही डीए की मांग को लेकर उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।
पेंशनभोगियों को आंशिक भुगतान शुरू, लेकिन अंतर अब भी बड़ा
सरकारी सूत्रों के अनुसार रिटायर्ड कर्मचारियों को बकाया डीए का भुगतान 29–30 मई से शुरू कर दिया गया है और कई पेंशनभोगियों के खातों में राशि पहुंच भी चुकी है। वर्तमान में राज्य में डीए दर 22% है, जिसे फरवरी 2026 में 4% बढ़ाया गया था। वहीं केंद्र सरकार में यह दर लगभग 50% के करीब बताई जा रही है, जिससे दोनों के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
2008-2019 का बकाया अब भी बड़ा मुद्दा
ROPA 2009 के तहत 2008 से 2019 के बीच का बकाया डीए अब भी लाखों कर्मचारियों के लिए प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस भुगतान को चरणबद्ध तरीके से करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
वेतन आयोग और आगे की उम्मीदें
राज्य सरकार की ओर से सातवें वेतन आयोग लागू करने की दिशा में भी काम किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इससे भविष्य में वेतन और भत्तों में केंद्र के स्तर के बराबर सुधार की संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारी संगठन मानते हैं कि यदि बजट में डीए को लेकर ठोस घोषणा होती है, तो यह लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और लंबे समय से चल रहा विवाद काफी हद तक सुलझ सकता है।