मुंबईः सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहे और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,267.34 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 165.15 अंक टूटकर 23,382.60 अंक पर पहुंच गया।
निवेशकों में बढ़ी सतर्कता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और इजराइल-लेबनान सीमा पर तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला और निवेशकों ने जोखिम वाले निवेशों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिससे इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि उनका मानना है कि लंबे समय से जारी संघर्ष को देखते हुए निवेशक आने वाले समय में किसी कूटनीतिक समाधान की उम्मीद भी कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर फिर शुरू हुई बातचीत आगे चलकर निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर सकती है।
अधिकांश सेक्टर लाल निशान में
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो उपभोक्ता उत्पाद (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। यह सूचकांक 2.30 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा पीएसयू बैंक सूचकांक में 1.85 प्रतिशत और ऑटो सेक्टर में 1.70 प्रतिशत की गिरावट रही।
निजी बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला और संबंधित सूचकांक लगभग एक प्रतिशत फिसल गया। फार्मा शेयरों में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
आईटी और मेटल शेयरों ने संभाला मोर्चा
व्यापक बिकवाली के बावजूद कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और यह सूचकांक 2.66 प्रतिशत उछल गया। मीडिया कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त रही, जबकि धातु क्षेत्र के शेयरों ने सीमित बढ़त दर्ज की।
कच्चे तेल में तेजी, सोना नरम
वैश्विक तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 93.82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
कीमती धातुओं के बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव मामूली नरमी के साथ 1,54,830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दूसरी ओर चांदी की कीमत बढ़कर 2,67,810 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
एशियाई बाजारों में रहा सकारात्मक रुख
भारतीय बाजारों के विपरीत अधिकांश एशियाई शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग और ताइवान के वेटेड इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक क्षेत्र का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला बाजार रहा, जिसमें तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं की दिशा बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।