🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

क्या पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास को सता रहा है गिरफ्तारी का डर? दायर की अग्रिम जमानत याचिका

शतद्रु दत्ता ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि आगामी 3 जून को पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के हर्जाने और मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा

By Moumita Bhattacharya

Jun 01, 2026 18:29 IST

पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है। सोमवार (1 जून) को उन्होंने बारासात अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। क्या उन्हें अपनी गिरफ्तारी की आशंका है? मेसी कांड में उनके खिलाफ शतद्रु दत्ता द्वारा FIR दर्ज करवाने के बाद ही अग्रिम जमानत को लेकर अरूप विश्वास सक्रिय हो गए हैं।

सोमवार (1 जून) को ही एक फेसबुक पोस्ट में शतद्रु दत्ता ने लिखा है कि आगामी 3 जून को पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के हर्जाने, वित्तीय नुकसान और मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।

इस सूची में जुई विश्वास और कुछ पत्रकारों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी गतिविधियों के कारण मेरे और कार्यक्रम की प्रतिष्ठा, वित्तीय हितों तथा निजी जीवन को भारी नुकसान पहुंचा है। हमारे पास मौजूद साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है।

पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि अब तक हमने कुल 19 व्यक्तियों की पहचान की है, जिनकी भूमिका और संलिप्तता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। आगे की सभी कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार और ऐसे साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी जिन्हें संबंधित प्राधिकरणों और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

Read Also | कोलकाता के लेक टाउन से हटायी गयी मेसी की 70 फुट ऊंची मूर्ति, तेज हवाओं के झोंके से गिरने का था खतरा

गौरतलब है कि गत 13 दिसंबर को युवाभारती क्रीड़ांगन में अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में बड़ी गड़बड़ी हुई थी। इस मामले में आयोजक शतद्रु दत्ता को गिरफ्तार भी किया गया था। 1 महीने से अधिक समय तक जेल में बंद रहने के बाद जमानत पर वह बाहर निकले।

इसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तित होते ही तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज करवायी। इसके आधार पर विधायननगर दक्षिण थाना में FIR भी दर्ज की गयी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि उस दिन स्टेडियम में हुई गड़बड़ी के लिए खेल मंत्री (तत्कालीन) अरूप विश्वास ही जिम्मेदार थे। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन की असफलता को भी जिम्मेदार ठहराया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में शतद्रु दत्ता ने कहा था कि तत्कालीन मंत्री अरूप विश्वास के आमंत्रित लगभग 300 लोग थे जो मंत्री से जुड़े एक क्लब के सदस्य थे।

बता दें, 13 दिसंबर 2025 को युवाभारती स्टेडियम में मेसी खुशी खुशी ही दाखिल हुए थे। इसके बाद उनसे हाथ मिलाने और उनके साथ फोटो खिंचाने के लिए बड़ी संख्या में VIP इकट्ठा होने लगे जिससे नाराज होकर वह मैदान से बाहर निकल गए।

सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इसके बाद वह काफी देर तक कोलकाता एयरपोर्ट पर बैठे रहे थे। निर्धारित समय से पहले उनके मैदान छोड़ने से उपस्थित दर्शक बेकाबू हो गए। उनका आरोप था कि हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद वे मेसी की एक झलक भी नहीं देख पाएं थे। विधानगर थाना की पुलिस ने मामले की खुद जांच शुरू की थी।

गत शनिवार (30 मई) को इस मामले में FIR दर्ज की गयी जिसमें रुपए वसूलने, प्रताड़ित करने, आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं शामिल की गयी है। ऐसी स्थिति में अरूप राय ने अब अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी है।

Read Also | अन्नपूर्णा भंडार योजना के फॉर्म में भरनी पड़ेगी कौन-कौन सी जानकारियां, कौन से दस्तावेजों को रखेंगी पास?

शतद्रु दत्ता ने आरोप लगाया था कि पूर्व खेल मंत्री ने जबरदस्ती मुझसे करीब 20-22 हजार टिकट लिए थे। बाद में लगभग 5000 लोगों को स्टेडियम का एक्सेस कार्ड देने का मुझपर दबाव डाला था। उनकी रिश्तेदार जुईं विश्वास ने भी स्टेडियम में प्रवेश करने का अधिकार देने के लिए मुझे धमकी दी थी। जब मैं राजी नहीं हुआ तो बाद में मंत्री का धौंस दिखाकर उन्होंने मेसी के साथ फोटो खिंचवायी थी।

शतद्रु दत्ता का कहना था कि इस इवेंट में अरूप विश्वास के परिवार का मेसी के साथ फोटो खिंचवाने की बात नहीं थी। मैदान में इतने लोगों के आ जाने की वजह से जो लोग टिकट खरीदकर स्टेडियम गए थे, वे मेसी को देख भी नहीं पाएं।

अपने फेसबुक पोस्ट में शतद्रु दत्ता ने लिखा कि जो व्यक्ति प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस घटना से जुड़े रहे हैं और जिन्होंने कार्यक्रम, आयोजक, साझेदार तथा हजारों फुटबॉल प्रेमियों को नुकसान पहुंचाया है, जिन पर आरोप हैं, उन सभी को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह बनाना ही इस कानूनी लड़ाई का उद्देश्य है।

Articles you may like: