मणिपुर में अभी भी पूरी तरह शांति बहाल नहीं हुई है। इसी बीच वहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने इस बाबत सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है। इस पोस्ट के अनुसार मणिपुर में यह काम शनिवार (30 मई) से शुरू हो गया है।
चुनाव आयोग ने 1 जुलाई को मतदाता सूची में SIR के लिए पात्रता की अंतिम तिथि निर्धारित की है। वहीं 6 सितंबर को मणिपुर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए और कोई अयोग्य व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके। देश में यह तीसरे चरण की SIR प्रक्रिया शुरू हुई है। मणिपुर के साथ ही ओडिशा, सिक्किम और मिजोरम में भी SIR की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
बता दें, SIR के पहले चरण में सिर्फ बिहार और दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत 12 राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है।
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वर्ष 2023 से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जारी संघर्ष के कारण मणिपुर में लगातार तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। रविवार (31 मई) को भी मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्र के कोंसाखुल गांव में हमले की घटना सामने आई है।
इससे एक दिन पहले उरखुल इलाके में भी झड़प की खबर मिली थी। हालांकि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का दावा है कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
Special Intensive Revision “ Phase III.
— The CEO Manipur (@CeoManipur) May 31, 2026
Enumeration Phase has started for the states of Odisha, Mizoram, Sikkim and Manipur.#CEOManipur #ECI pic.twitter.com/XBDUytXifA
ऐसी स्थिति के बीच मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अरुण कुमार सिन्हा का कहना है कि SIR से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न छूटे।
इस कार्य को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठकें भी की गई हैं और संबंधित कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है। मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया है कि राज्य में वर्तमान में कुल 20 लाख 93 हजार 76 मतदाता हैं। उनके लिए निर्धारित फॉर्म छाप लिए गए हैं।
जातीय संघर्ष के कारण कई लोग अब अन्य स्थानों पर रह रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हैं। ऐसे सभी लोगों के नाम भी मतदाता सूची से न छूटें, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चुनाव आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 जुलाई को वहां मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को जारी की जाएगी।