अफगानिस्तान के खिलाफ एक मैच की टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम घोषित करने को लेकर विवाद कम नहीं हुआ। घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेलने वाले अकिब नबी को मौका न देने पर अजित अगरकर के नेतृत्व वाले चयनकर्ताओं को बोर्ड की आलोचना का सामना करना पड़ा। सवाल यह उठ रहा था कि रणजी में अच्छा खेलने के बाद अगर राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिलता तो घरेलू क्रिकेट का महत्व क्या है ? इस आलोचना का सामना करते हुए चयनकर्ताओं ने कदम उठाया। पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने तो यहां तक कह दिया था कि यदि घरेलू प्रदर्शन पैमाना नहीं है, तो बीसीसीआई को रणजी ट्रॉफी ही बंद कर देनी चाहिए।
इस बार अफगानिस्तान सीरीज के लिए बैटिंग में ज्यादा बदलाव नहीं किया, लेकिन गेंदबाजी में बदलाव किया गया है। प्रसिद्ध कृष्ण और गुरनूर ब्रार को मौका दिया गया है। सवाल यह उठता है कि गुरनूर ब्रार का घरेलू और IPL रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। वहीं, आकिब नबी काफी आगे हैं। इसलिए उन्हें मौका नहीं दिया गया। इस पर विवाद था। इस स्थिति में BCCI ने आकिब नबी को बैकअप खिलाड़ी के रूप में टीम में मौका दिया। ताकि वे टीम इंडिया के साथ रह कर अनुभव जुटा सकें, इसलिए उन्हें मौका दिया गया।
गुरनूर ब्रार ने रणजी ट्रॉफी में पंजाब के लिए 8 मैच खेले हैं। उन्होंने 11 विकेट लिए। जहां महाराष्ट्र के खिलाफ उन्होंने कोई विकेट नहीं लिया और 80 रन दिए। उत्तराखंड के खिलाफ 2 विकेट लेकर 74 रन दिए। दूसरी तरफ आकिब नबी ने रणजी में 60 से अधिक विकेट लिए हैं।
2025-26 सीज़न में घरेलू क्रिकेट में आकिब नबी का प्रदर्शन
रणजी ट्रॉफी: 17 इनिंग में 60 विकेट
विजय हजारे ट्रॉफी: 14 विकेट
सैयद मुस्ताक अली ट्रॉफी: 15 विकेट। इकॉनमी 7.55
2020 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू के बाद से आकिब नबी ने 41 मैच खेल कर 156 विकेट लिए हैं। जिनमें से 104 विकेट पिछले दो सत्रों में आए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, उनकी गेंदबाज़ी के कारण ही जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती है।