नई दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को एक संगठित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र और गुजरात में 20 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दाऊद इब्राहिम के सहयोगी बताए जाने वाले और हाल ही में प्रत्यर्पित सलीम इस्माइल डोला और उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों पर केंद्रित है।
ईडी की टीमें मुंबई के अलावा गुजरात के सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में उन ठिकानों पर पहुंचीं, जो इस सिंडिकेट से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गई है।
ड्रग्स निर्माण से लेकर हवाला तक कड़ी जांच
जांच के दायरे में वे सभी लोग शामिल हैं जो इस नेटवर्क की सप्लाई चेन से जुड़े हैं-जैसे प्रीकर्सर केमिकल सप्लायर्स, केमिकल ट्रेडिंग से जुड़े बिचौलिए, सिंथेटिक ड्रग मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण और वितरण में शामिल तत्व, हवाला ऑपरेटर और बेनामी संपत्तियों के जरिए अवैध कमाई को खपाने वाले लोग।
ईडी की जांच मुंबई में दर्ज कई प्राथमिकियों के आधार पर शुरू हुई, जिनमें सलीम डोला और अन्य आरोपियों पर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पूरे अपराध तंत्र की परतें खंगाल रही एजेंसी
एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क अत्यंत संगठित है, जो प्रीकर्सर केमिकल की खरीद, मेफेड्रोन निर्माण, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों के जरिए धन शोधन और संपत्तियों में निवेश जैसे कामों में सक्रिय था।
जांच में यह भी सामने आया है कि अपराध से अर्जित धन को भारत और विदेशों में संपत्तियों में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश की गई।
प्रत्यर्पण के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
सलीम इस्माइल डोला को हाल ही में तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने उसके पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल तेज कर दी है।
ईडी की यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे तंत्र को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसी को आने वाले दिनों में और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।