नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही कथित टूट के बीच भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति में तृणमूल से आने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करेगी। भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को नई दिल्ली में यह बयान दिया।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर अगर कोई विभाजन होता है तो उसकी जिम्मेदारी उसी पार्टी की होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाजपा इस पूरे घटनाक्रम से स्वयं को दूर रखेगी।
शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “तृणमूल टूटे या न टूटे, यह उनका आंतरिक मामला है। हम इस पर कोई विचार नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी का रुख साफ है कि तृणमूल से आने वाले किसी भी नेता को फिलहाल भाजपा में जगह नहीं दी जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने हाल ही में विधानसभा चुनावों में 207 सीटों पर जीत हासिल की है और यह जीत किसी दल-बदल का परिणाम नहीं, बल्कि जनता के जनादेश का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने तृणमूल कांग्रेस की कथित अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा उन लोगों को अपने साथ जोड़ेगी जिन पर भ्रष्टाचार या गलत आचरण के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि “भाजपा का तृणमूलीकरण नहीं होगा।”
शमिक भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत है और पार्टी को किसी भी तरह के बाहरी नेताओं पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही हलचल पूरी तरह से उनकी आंतरिक स्थिति का परिणाम है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि भाजपा इस स्थिति का लाभ उठाने की किसी रणनीति में शामिल नहीं है।
इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में दल-बदल और संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है।