🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

लियोनेल मेसी इवेंट विवाद: पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास पर जांच का शिकंजा

22 हजार कॉम्प्लिमेंटरी टिकट व कार्यक्रम विफल होने के आरोपों के बीच बिधाननगर पुलिस ने पूछताछ के लिए 5 जून को थाने में पेश होने का निर्देश दिया।

कोलकाताः लियोनेल मेसी से जुड़े विवादित कार्यक्रम के मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बिधाननगर पुलिस ने उन्हें तलब करते हुए 5 जून को दोपहर 12 बजे तक बिधाननगर दक्षिण थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उस एफआईआर के बाद की गई है, जो कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता ने उनके खिलाफ दर्ज कराई थी।

यह विवाद पिछले वर्ष के अंत में आयोजित उस कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें विश्व कप विजेता फुटबॉलर लियोनेल मेसी को युवाभारती क्रीड़ांगन लाया गया था। हालांकि कार्यक्रम अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो सका और अंततः रद्द करना पड़ा। आरोप है कि उस समय के खेल मंत्री अरूप विश्वास पूरे कार्यक्रम के दौरान मेसी के बेहद करीब रहे, जिससे स्टेडियम में मौजूद बड़ी संख्या में दर्शक उन्हें ठीक से देख नहीं सके। इससे नाराज कुछ दर्शकों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद आयोजकों को कार्यक्रम समाप्त करना पड़ा।

घटना के बाद पुलिस ने आयोजक शतद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें 37 दिन बाद जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद से ही शतद्रु लगातार इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे और राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने अरूप विश्वास के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

शतद्रु दत्ता का आरोप है कि अरूप विश्वास ने कार्यक्रम के लिए 22 हजार ‘कॉम्प्लिमेंटरी’ टिकट लिए थे, जिन्हें बाद में कथित तौर पर कालाबाजारी के जरिए बेचा गया। उनका यह भी दावा है कि पूर्व खेल मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मेसी को इस तरह अपने घेरे में रखा कि अधिकांश दर्शकों को फुटबॉल स्टार की एक झलक तक नहीं मिल सकी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मैदान में मौजूद अधिकांश लोग अरूप विश्वास के करीबी थे। शतद्रु का आरोप है कि इन्हीं कारणों से पूरा आयोजन विफल हो गया।

मेसी कार्यक्रम के बाद अरूप विश्वास की भूमिका को लेकर केवल आयोजकों ने ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हलकों ने भी सवाल उठाए थे। बढ़ते दबाव के बीच उन्हें खेल मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में नई सरकार बनने के बाद खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक ने मेसी कार्यक्रम से जुड़ी फाइलों की दोबारा जांच कराने का संकेत दिया था। इसके कुछ समय बाद शतद्रु दत्ता ने अरूप विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। अब इसी मामले की जांच के तहत बिधाननगर पुलिस ने पूर्व खेल मंत्री को पूछताछ के लिए तलब किया है।

Articles you may like: