रांची: नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में मंगलवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रांची स्थित लोक भवन के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता लोक भवन के निकट एकत्र हुए और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भाजपा शासनकाल में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। उनका कहना था कि नीट के कथित पेपर लीक के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित परीक्षा में भी अव्यवस्था देखने को मिली।
इस अवसर पर झारखंड युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार गौरव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान देश में पेपर लीक की 89 घटनाएं सामने आई हैं और 48 बार परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ी हैं। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक स्थिति बताया।
कुमार गौरव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं का सबसे अधिक नुकसान छात्रों को उठाना पड़ा है। उनके अनुसार, इन घटनाओं से प्रभावित होकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, जिससे उनके परिवारों को गहरा आघात पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “हम उन परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हैं जिन्होंने अपने बेटे या बेटी को खो दिया है। लेकिन भाजपा सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन बनी हुई है। युवा कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करती है।”
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में झारखंड में भाजपा सांसदों और विधायकों के आवासों के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
युवा कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होती दिखाई दे रही है।