तारकेश्वर के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। यह कहना है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का। इसी इसी जुड़ाव के कारण वे बार-बार वहां जाते रहते हैं - वह कभी मंदिर तो कभी राजनीतिक कार्यक्रमों में वहां जाते रहे हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री बनने के बाद मंगलवार (2 जून) को पहली बार शुभेंदु अधिकारी ने तारकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने धर्मतला के वाई-चैनल पर ममता बनर्जी के धरना कार्यक्रम पर तीखा तंज कसा।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या हालत हो गई है! 150 लोग भी नहीं पहुंचे। साथ ही उन्होंने कहा कि तृणमूल अब कमजोर हो गई है।
उल्लेखनीय है कि फलता उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस चौथे स्थान पर खिसक गई थी। जानकारों का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी का बयान उसी संदर्भ में देखा जा रहा है। 2 जून को शुभेंदु अधिकारी कोलकाता से सड़क मार्ग से तारकेश्वर मंदिर पहुंचे। वहां पहुंचकर पहले मंदिर के पास एक अतिथि निवास में उन्होंने अपने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद वे सभी को लेकर सीधे मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।
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पुराना है तारकेश्वर से रिश्ता
मंदिर से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार श्रावणी मेला और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तारकेश्वर ट्रस्ट बोर्ड को दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोक दी गई थी। उन्होंने कहा कि वे इस फंड को दोबारा शुरू करने के लिए वह मंत्री अग्निमित्रा पॉल और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल को निर्देश देंगे।
पूर्व की तृणमूल सरकार के कार्यकाल में कई वर्षों तक फिरहाद हकीम तारकेश्वर विकास प्राधिकरण के चेयरमैन रहे थे। मंगलवार (2 जून) को शुभेंदु अधिकारी ने उनका नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने मंदिर के रंग को बदलने की बात कही। उन्होंने कहा कि मंदिर का रंग हर समय आध्यात्मिक होना चाहिए। वहीं हम करेंगे।
गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले भगवान राम की मूर्ति को सिर पर लेकर वह पूरे तारकेश्वर में घूमे थे। इस बारे में उन्होंने कहा कि आज से नहीं, तारकेश्वर से मेरा संबंध बहुत पुराना है। मैंने श्रीराम की मूर्ति सिर पर लेकर नंगे पांव पूरे तारकेश्वर का भ्रमण किया था।
ममता बनर्जी पर किया कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी उन्होंने तीखा तंज कसा। तृणमूल कार्यकर्ताओं पर चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को लेकर ममता बनर्जी धर्मतला के वाई चैनल पर धरना दे रही है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
हालांकि बाद में पुलिस की अनुमति के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ। इस बीच जानकारी मिली है कि अभिषेक बनर्जी विधायकों से लगातार संपर्क में हैं और फोन पर बातचीत कर रहे हैं। इस मामले में व्यंग्यात्मक कटाक्ष करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैंने तो सुना था कि वे बीमार हैं। सैलाइन-वैलाइन कुछ चल रहा है क्या?