वाराणसी(उत्तर प्रदेश): वाराणसी में मंगलवार आधी रात करीब 12 बजे प्रशासन ने काशी रेलवे स्टेशन के परिसर में बनी पुरानी 'अजगैब शहीद मजार' और साथ मे बनी मस्जिद को ढहा दिया। ये मस्जिद राजघाट स्थिति काशी रेलवे स्टेशन परिसर में थी. यहां नया मॉडल स्टेशन बनाया जाना है। इससे पहले एसीपी शिवहरी मीणा ने अफसरों के साथ मौके पर पहुंचकर मस्जिद का जायजा लिया। मस्जिद के चारों तरफ बेरिकेडिंग कराई गई और मौके पर 3 बुलडोजर मंगवाए गए। इसके बाद मजार और साथ में बनी मस्जिद को ढहा दिया गया।
मजार और मस्जिद पर जब बुलडोजर चलाया जा रहा था, तब पुलिस और पीएसी के सैकड़ों जवान तैनात रहे। डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर एसीपी विजय प्रताप, कोतवाली एसीपी चेतगंज समेत कई अफसर भी मौजूद रहे। रात में ही मस्जिद के मलबे को गाड़ियों में भरकर हटा दिया गया। मजार और मस्जिद को हटाने का मामला पिछले दो साल से कोर्ट में था।
वाराणसी के भदऊ चुंगी स्थित किला कोहना क्षेत्र में अजगैब शहीद की मजार और मस्जिद और कब्रिस्तान है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह रेलवे की पुरानी जमीन है, जिस पर कुछ लोगों द्वारा मजार बनाकर कब्जा किया गया था। इसके बाद यहां मस्जिद और कब्रिस्तान भी बना लिए गए। यहां एक हनुमान जी का मंदिर था, उसको भी हटा दिया गया।
कोर्ट ने दिये थे जगह खाली करने के आदेश
साल 2024 में जब काशी मॉडल रेलवे स्टेशन की योजना लाई गई, तो जमीन की पैमाइश की गई। तब अवैध कब्जे का पता चला, जिसके बाद रेलवे ने इसे खाली करने के लिए कहा। मामला कोर्ट में भी पहुंचा, जहां से हाल ही में मजार पक्ष के लोग केस हार गए। इसके बाद रेलवे की ओर से जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। आज प्रशासन द्वारा मजार और मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई की गई है।