वॉशिंगटनः अमेरिका में विदेश नीति, आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कैपिटल हिल में लगातार दूसरे दिन संसदीय समितियों के समक्ष गवाही दी। यह ईरान युद्ध शुरू होने के बाद उनकी पहली संसदीय पेशी थी।
ईरान वार्ता और विदेश नीति पर सवाल
सुनवाई के दौरान मार्को रुबियो से ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति, ईरान युद्ध, लैटिन अमेरिका में मादक पदार्थ तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान तथा ताइवान को अमेरिकी समर्थन जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी वार्ताकारों को संकेत मिले हैं कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं।
सुनवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन
प्रतिनिधि सभा की विनियोग उपसमिति के समक्ष गवाही शुरू होते ही एक प्रदर्शनकारी ने इजराइल के समर्थन और गाजा में कथित नरसंहार का विरोध करते हुए नारे लगाए। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत बाहर ले गया। इससे पहले सीनेट की विदेश संबंध समिति की बैठक में भी प्रदर्शनकारियों ने क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध किया था। कुछ लोगों ने गाजा और ईरान में बच्चों की मौतों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया।
विदेशी सहायता में कटौती पर तीखी आलोचना
प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति की वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य लोइस फ्रैंकल ने मार्को रुबियो की आलोचना करते हुए कहा कि एलन मस्क और उनके सहयोगियों के प्रभाव के बाद अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) को कमजोर किया गया, कई स्वास्थ्य और विकास कार्यक्रम समाप्त हुए तथा हजारों अनुभवी सरकारी कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी पड़ी।
ट्रंप का नया नियुक्ति निर्णय
इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय आवास वित्त एजेंसी के निदेशक बिल पुल्टे को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक का कार्यवाहक प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की। वे इस पद पर तुलसी गबार्ड का स्थान लेंगे। यह घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर की।
सीनेट में गृह सुरक्षा बजट पर बहस
अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन भी सीनेट की बजट सुनवाई में शामिल हुए। उनसे विभागीय बजट, आव्रजन नियंत्रण, न्यू जर्सी स्थित आईसीई निरोध केंद्रों की स्थिति तथा फीफा विश्व कप की सुरक्षा तैयारियों को लेकर सवाल पूछे जाने की संभावना जताई गई। सीनेट फिलहाल ऐसे विधेयक पर विचार कर रही है, जिसके तहत ट्रंप के कार्यकाल के अंत तक आव्रजन प्रवर्तन एजेंसियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सीनेट में तीखी नोकझोंक
सुनवाई की शुरुआत में डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस मर्फी और मार्कवेन मुलिन के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मर्फी ने गृह सुरक्षा विभाग पर कानून की अनदेखी और करदाताओं के धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जवाब में मुलिन ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी से विभागीय अधिकारियों के खिलाफ खतरे और हमले बढ़ते हैं।
ट्रंप समर्थकों के लिए मुआवजा फंड पर विवाद
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत के आदेश का पालन करते हुए 1.776 अरब डॉलर के उस मुआवजा फंड पर रोक लगाने की बात कही है, जिसे ट्रंप समर्थकों को क्षतिपूर्ति देने के लिए बनाया गया था। इस मुद्दे पर भी सीनेट रिपब्लिकन आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक कर रहे हैं।
हिरासत केंद्रों में चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल
केएफएफ हेल्थ न्यूज और एसोसिएटेड प्रेस की संयुक्त जांच में दावा किया गया कि कम से कम 33 राज्यों में कई प्रवासी बंदियों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अवसाद, मिर्गी, पार्किंसन और एचआईवी जैसी बीमारियों के मरीजों को समय पर दवाएं नहीं मिलीं, जबकि कई मामलों में इलाज में गंभीर देरी हुई। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले भेजे गए सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
ट्रंप के स्वास्थ्य पर चर्चा
सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक डॉ. मेहमत ओज़ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वास्थ्य को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप बार-बार स्वास्थ्य परीक्षण इसलिए कराते हैं क्योंकि वे अपने स्वास्थ्य संबंधी सभी आंकड़ों पर लगातार नजर रखना चाहते हैं। हाल ही में ट्रंप ने वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर में अपने दूसरे कार्यकाल का चौथा ज्ञात स्वास्थ्य परीक्षण कराया है।