लंदन : ब्रिटेन की कुख्यात 'पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग' फिर से सुर्खियों में है। लंबे कई दशकों तक ब्रिटेन की बच्चों और किशोरियों पर हुए जघन्य यौन अत्याचार की घटनाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक कर, दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की इंग्लैंड की संसद के सांसद रुपर्ट लो ने। अपने बयान में कई पीड़ितों के बयान भी लो ने प्रस्तुत किए।
व्यक्तिगत जांच के आधार पर लो ने बताया कि कई दशकों से ओल्डहैम, टेलफोर्ड, ऑक्सफोर्ड सहित देश के कई शहरों में बच्चों और किशोरियों पर क्रूर अत्याचार किए गए। इन घटनाओं के लिए ब्रिटेन की कुख्यात 'ग्रूमिंग गैंग' को जिम्मेदार बताया गया है। अत्याचार में शामिल होने का आरोप वहां की पुलिस-प्रशासन पर भी लगा है।
'पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग' पहली बार 2003 में एक प्रमुख अमेरिकी अखबार के सौजन्य से सामने आया था। संसद में अपने भाषण में, लोव ने कहा कि अपराध के पीछे पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों के "ग्रूमिंग गैंग" का हाथ था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों में टैक्सी ड्राइवर या दुकानदार के रूप में काम करते थे। 11 से 16 वर्ष की आयु के बीच के अनाथ और असहाय किशोर उनके मुख्य लक्ष्य हैं। इन नाबालिग लड़कियों को जबरन लाकर ड्रग्स या शराब देकर सामूहिक बलात्कार किया जाता था। क्रूर यातना जारी रही। लोव ने यह भी दावा किया कि ईद सहित विभिन्न त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
संसद में लोये ने अपने भाषण में कहा बलात्कार से संबंधित जांच सुनवाई में जो हमने सुना मैं चाहता हूँ कि पूरी दुनिया उसे सुने। लोये ने अपने भाषण में कई पीड़ितों की दास्तान प्रस्तुत की। एक पीड़िता के बयान के अनुसार उन्हें 13 साल की उम्र से बलात्कार किया जाने लगा। तीन साल तक कम से कम 600 से 700 पुरुषों द्वारा उन्हें बलात्कार किए जाने का आरोप पीड़िता ने लगाया।
यौनांग में शराब की बोतल डालकर क्रूर अत्याचार किया गया। इस मामले में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी अवहेलना का आरोप लगा है। एक पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि देश के कई भागों में कई पुलिस अधिकारियों ने भी कई बार उनका बलात्कार किया।
और भी भयानक घटनाओं की बात उठी है। सिर्फ इंसान ही नहीं — जानवरों के द्वारा भी उन किशोरियों का बलात्कार करवाया जाता था ऐसा कई लोगों ने बताया। उन्होंने यह भी बताया कि इन घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड कर रखा जाता था। सिर्फ शारीरिक अत्याचार ही नहीं। कुछ घटनाओं में रंगभेद के आरोप भी उठे हैं। ये अपराधी ईसाई और गोरी लड़कियों को नफरत की नजर से देखते थे। यहाँ तक कि अगर किसी किशोरी ने इस घटना में बच्चा जन्म दिया तो उसे अपने बच्चे से मिलने की अनुमति भी नहीं दी जाती थी।
सांसद के अनुसार ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में इस गैंग की गतिविधियां सामने आई हैं। आरोप है कि प्रशासन भी इस मुद्दे पर विशेष सतर्कता नहीं दिखाया। उल्लेखनीय है कि इस गैंग की उत्तपन्न गतिविधियाँ पहली बार ब्रिटेन के यॉर्कशायर के रॉटरहम शहर में सामने आई थीं। 1997 से 2023 के बीच वहाँ 1,400 से अधिक बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए। प्रोफेसर एलेक्सिस जे की 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन इस मामले में किसी प्रकार की दखलअंदाजी करने से इनकार करता था।
रॉचडेल, ऑक्सफोर्ड, टेलफोर्ड और ब्रिस्टल सहित लगभग 50 अन्य शहरों में यह वही घटना दोहराई गई। 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए एक टास्कफोर्स का गठन किया। इसके बाद इसके बाद धीरे-धीरे इस गैंग के कई अपराधियों को गिरफ्तार किया जाता है। संसद में अपने बयान में इस गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए रूपर्ट पीड़ित किशोरियों के सही न्याय की भी मांग करते हैं।