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दिल्ली होटल अग्निकांड: 19 अवैध कमरे और फायर एग्जिट की अनुपस्थिति बनी मौत की वजह

संकरी संरचना और बिना अनुमति चल रहे होटल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बनाया मुश्किल

नई दिल्ली : दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक बजट बिस्तर-और-नाश्ता (BnB) होटल में हुई भीषण आग को लेकर शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर नियम उल्लंघन सामने आए हैं। यह होटल शहर के एक पॉश इलाके में कम बजट में ठहरने की सुविधा के कारण खासकर इलाज या काम के सिलसिले में आने वाले विदेशी मेहमानों के बीच भी काफी लोकप्रिय था। लेकिन जांच के बाद सामने आया है कि यह स्थान वास्तव में एक “जतुघर” यानी बेहद असुरक्षित भवन साबित हुआ।

बुधवार सुबह इस होटल-सह-रेस्तरां में अचानक आग लग गई जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लगभग 40 लोगों को बचाकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दिल्ली के इस आवासीय क्षेत्र में चल रहे निजी बिस्तर-और-नाश्ता (BnB) में अवैध रूप से कई कमरे बनाए गए थे। भवन में फायर एग्जिट (आपातकालीन निकास) की कोई व्यवस्था नहीं थी। केवल एक ही गेट से आने-जाने की सुविधा थी, जिसके कारण आग लगने के बाद कई लोग बाहर नहीं निकल सके और अंदर फंस गए। बचाव दल को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

जांचकर्ताओं के अनुसार होटल में भवन की मूल योजना को नजरअंदाज कर अतिरिक्त कमरे बनाए गए थे ताकि अधिक मेहमानों को रखा जा सके। इन अवैध कमरों में से कई में खिड़कियां या उचित वेंटिलेशन तक नहीं था। आरोप है कि होटल को केवल छह कमरों की अनुमति प्राप्त थी, लेकिन इसके बावजूद वहां 19 अतिरिक्त कमरे बना दिए गए। जबकि बिस्तर-और-नाश्ता (BnB) नियमों के अनुसार अधिकतम आठ कमरे और 16 बेड की अनुमति होती है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यहां अग्नि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। न तो प्रभावी फायर अलार्म सिस्टम था और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण काम कर रहे थे। इसी कारण आग तेजी से फैल गई और लोगों के बाहर निकलने के रास्ते लगभग बंद हो गए।

भवन की संकरी गलियां, जटिल ले-आउट और अवैध निर्माण ने स्थिति को और भयावह बना दिया। दमकल कर्मियों को भी अंदर पहुंचने और कमरों का पता लगाने में काफी समय लगा, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ।

प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बिस्तर-और-नाश्ता होटल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किया जा रहा था। स्थानीय निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल उठे हैं कि कैसे लगातार नियमों का उल्लंघन होता रहा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह होटल “फ्लोरिस स्टे” नाम से पंजीकृत था।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर के कई छोटे होटल और गेस्टहाउस इसी तरह नियमों की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं। यह घटना इसी व्यापक समस्या को उजागर करती है। दिल्ली प्रशासन ने शहर के अन्य बिस्तर-और-नाश्ता (BnB) और छोटे होटलों में व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।

यह हादसा एक बार फिर यह दर्शाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और मुनाफे के लिए किए गए अवैध निर्माण किस तरह भयावह त्रासदी का रूप ले सकते हैं।

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