नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया। महज 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने पूरे सीजन में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की और खुद को भविष्य के बड़े खिलाड़ियों में शामिल कर लिया। हालांकि टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसने नई बहस छेड़ दी।
वायरल वीडियो में ऐसा दिखाया गया कि वैभव सूर्यवंशी मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले के सवालों का रूखे और घमंडी अंदाज में जवाब दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर विवादित टिप्पणियां कीं और उन्हें “मतलबी” बताया।
हालांकि बाद में यह स्पष्ट हो गया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं था, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया गया एक फर्जी या डीपफेक वीडियो था। वर्तमान समय में एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के कारण किसी व्यक्ति की आवाज और चेहरे का इस्तेमाल कर भ्रामक वीडियो तैयार करना अपेक्षाकृत आसान हो गया है। वैभव सूर्यवंशी से जुड़ा यह वीडियो भी उसी श्रेणी का बताया जा रहा है।
वायरल क्लिप में दिखाया गया कि हर्षा भोगले वैभव से पूछ रहे हैं कि क्या वह भी विराट कोहली की तरह क्रिकेट की दुनिया में ‘किंग’ बनना चाहते हैं। इसके जवाब में वैभव को यह कहते हुए दिखाया गया कि उन्हें विराट कोहली पसंद हैं, लेकिन उनके रिकॉर्ड पसंद नहीं हैं। वीडियो में उनके मुंह से यह भी कहलवाया गया कि विराट सबसे धीमी अर्धशतक और शतक बनाते हैं तथा उन्हें वह कुछ हद तक स्वार्थी लगते हैं। साथ ही यह भी दर्शाया गया कि उन्हें केवल विराट जैसी लोकप्रियता चाहिए।
वीडियो के वायरल होने के बाद हर्षा भोगले ने स्वयं सामने आकर पूरे मामले पर सफाई दी और वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने ऐसा कोई सवाल पूछा था और न ही वैभव सूर्यवंशी ने इस तरह का कोई जवाब दिया था।
हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उनके और वैभव सूर्यवंशी के नाम से एक नकली डब किया गया वीडियो प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस वीडियो में वैभव को अभद्र और घमंडी दिखाने की कोशिश की गई है, जबकि वास्तविक बातचीत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था।
उन्होंने आगे कहा कि यह एक बेहद दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है, विशेष रूप से तब जब मामला एक युवा खिलाड़ी से जुड़ा हो। हर्षा के अनुसार, जितनी भी बार उनकी वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात हुई है, युवा बल्लेबाज ने हमेशा सम्मानजनक व्यवहार किया है और उनमें किसी प्रकार का अहंकार नहीं देखा गया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सामग्री और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। साथ ही यह मामला इस बात का भी उदाहरण बन गया है कि किसी वीडियो या बयान पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना कितना आवश्यक है।