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धुएं के जाल में फंसी जिंदगियां, जान बचाने को ऊंचाई से कूदे लोग

फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी आग में 21 की मौत, 40 से अधिक घायल, कई आईसीयू में भर्ती।

By श्वेता सिंह

Jun 03, 2026 18:07 IST

नई दिल्लीः दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को होटल फ्लॉरिस स्टे नाम के एक रेस्टोरेंट में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस भीषण अग्निकांड में मृतकों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक अधिकतर लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश से थे।

यह आग बुधवार सुबह करीब 8:48 बजे होटल में लगी, जिसके बाद देखते ही देखते पूरा भवन धुएं से भर गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने 7 फायर टेंडर मौके पर भेजे, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में अतिरिक्त संसाधन और अधिकारी भी तैनात किए गए। बचाव अभियान के दौरान 39 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

मैक्स हेल्थकेयर के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा के अनुसार, आठ घायल मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकतर मरीजों को धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई है। कई लोग आग से बचने के लिए ऊंची मंजिलों से कूद गए, जिससे उन्हें हड्डियों और रीढ़ की गंभीर चोटें आई हैं। एक मरीज की हालत को देखते हुए उसे सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

दमकल विभाग के मुख्य अधिकारी (दक्षिण जोन) अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि इमारत में केवल एक ही सीढ़ी थी और वेंटिलेशन की व्यवस्था बेहद खराब थी। खिड़कियां बंद होने के कारण धुआं बाहर नहीं निकल सका और पूरे भवन में तेजी से फैल गया। उन्होंने बताया कि यह संरचना “चिमनी इफेक्ट” की तरह काम करने लगी, जिससे धुआं और गर्म हवा ऊपर की मंजिलों में फंसते गए और लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम की गंभीर कमी थी। घटना के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और होटल मालिक लोकेश बजाज सहित संचालन से जुड़े साझेदारों की भूमिका की जांच की जा रही है।

दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन और राहत दल लगातार मौके पर मौजूद हैं और घायलों की मदद की जा रही है।

इस हादसे में राहत कार्य के दौरान तैनात 10 दिल्ली पुलिसकर्मियों को भी धुएं के संपर्क में आने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

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