नई दिल्ली : इस रविवार भारत में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए जा रहे सबसे बड़े अभियानों में से एक की शुरुआत होने जा रही है। देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले ‘संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रमों में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई मंत्री स्वयं भाग लेंगे और लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रांची में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं पश्चिम बंगाल के नए खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक कोलकाता में इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पंजाब के लोगों से इस जनआंदोलन से जुड़ने की अपील की है। दिल्ली में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता विक्रांत मैसी भी साइकिलिंग कार्यक्रम में भाग लेंगे।
खेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, फिट इंडिया अभियान के अंतर्गत इस रविवार आयोजित होने वाले साइकिलिंग कार्यक्रम के लिए अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि बिना किसी बड़े विज्ञापन अभियान के हासिल हुई है।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद देशभर में लोगों के बीच साइकिलिंग को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है। ‘संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में मिल रही भारी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यह पहल अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं रह गई है, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।
फिट इंडिया अभियान के तहत साइकिल को केवल एक परिवहन साधन के रूप में नहीं देखा जा रहा है। अब साइकिल चलाने के माध्यम से लोग कार्बन क्रेडिट भी अर्जित कर सकेंगे। इसके लिए फिट इंडिया ऐप में एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है, जिसके माध्यम से लोग अपने अर्जित कार्बन क्रेडिट का उपयोग भी कर सकेंगे।
वाहन-मुक्त परिसर पहल को भी मिल रहा बढ़ावा
फिट इंडिया की ‘व्हीकल-फ्री कैंपस’ पहल के अंतर्गत देश के शैक्षणिक संस्थानों को परिसर के भीतर पैदल चलने, साइकिल उपयोग करने और अन्य पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करना, वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना तथा छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और टिकाऊ परिसर वातावरण तैयार करना है।
ऐसे प्रयासों को पहचान देने और प्रोत्साहित करने के लिए फिट इंडिया ने ‘व्हीकल-फ्री कैंपस सर्टिफिकेशन’ की शुरुआत की है। यह प्रमाणपत्र उन संस्थानों को प्रदान किया जाएगा जिन्होंने टिकाऊ परिवहन व्यवस्था अपनाई है और परिसर में मोटर वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
इस प्रमाणन को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
पहली श्रेणी ‘साइकिल-फ्रेंडली कैंपस’ है, जिसमें उन परिसरों को शामिल किया जाएगा जहां साइकिलिंग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाता है और मोटर वाहनों के उपयोग को काफी हद तक सीमित किया गया है।
दूसरी श्रेणी ‘साइकिल-ओनली कैंपस’ है, जिसमें परिसर के भीतर आवाजाही मुख्य रूप से या पूरी तरह साइकिल तथा अन्य गैर-मोटर चालित साधनों पर आधारित होती है।
देश के कई प्रमुख शिक्षण संस्थान पहले ही अपने परिसरों में साइकिल उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर चुके हैं। इनमें केआईआईटी विश्वविद्यालय, शिव नादर विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी जैसे संस्थानों के नाम शामिल हैं। इन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 7 जून को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
फिट इंडिया का मानना है कि इस प्रमाणन और सम्मान कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के शैक्षणिक संस्थान पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार परिवहन व्यवस्थाओं को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इसके साथ ही एक अधिक स्वस्थ, हरित और टिकाऊ भारत के निर्माण में सामूहिक योगदान देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकेगा।