🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

भारत में ऊर्जा विकास की अगली लहर का कारण बनेगा AI: अडानी समूह

जेफरीज रिपोर्ट के मुताबिक एआई आधारित मांग से भारत में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को मिलेगी नई गति।

By श्वेता सिंह

Jun 04, 2026 19:02 IST

मुंबईः मुंबई में सामने आई चर्चाओं के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों के विस्तार से भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ सकती है। यह अनुमान अडानी समूह द्वारा आयोजित ‘अडानी कॉन्फ्रेंस 2026’ में हुई चर्चाओं पर आधारित है, जिसकी मुख्य बातें जेफरीज की रिपोर्ट में साझा की गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग से ऊर्जा खपत में बड़ा उछाल आ सकता है। इसी वजह से भारत में ऊर्जा अवसंरचना के अगले चरण में बड़े निवेश की जरूरत और अवसर दोनों बन रहे हैं।

अडानी समूह का फोकस और बड़े निवेश की प्रतिबद्धता

सम्मेलन में अडानी समूह ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर अपने सकारात्मक रुख को दोहराया और दीर्घकालिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को रेखांकित किया। चर्चा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि अब ध्यान केवल परियोजनाओं की योजना बनाने पर नहीं, बल्कि उन्हें बड़े पैमाने पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर केंद्रित है।

अडानी समूह के प्रतिनिधियों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में समूह का पूंजीगत व्यय लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके साथ ही समूह ने ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

समूह के अनुसार, उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर का EBITDA तथा करीब 3.3 गुना नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात इसकी स्थिरता को दर्शाता है।

ग्रीन एनर्जी, AI और भविष्य का ऊर्जा ढांचा

चर्चाओं में यह भी सामने आया कि अडानी समूह ग्रीन एनर्जी और एआई आधारित अवसरों को मिलाकर एक एकीकृत ऊर्जा प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसमें थर्मल, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को साथ जोड़ने की रणनीति शामिल है।

समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी जुगेशिंदर सिंह ने बताया कि लक्ष्य दुनिया में सबसे कम लागत वाली बिजली उत्पादन प्रणाली तैयार करना है, जिसके लिए संचालन दक्षता को लगातार बेहतर किया जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल की वजह से समूह की उधारी लागत में कमी आई है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति मिल रही है।

कुल मिलाकर सम्मेलन का संदेश यही रहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में AI एक बड़ा बदलाव लाने वाला कारक बन सकता है और आने वाले वर्षों में इसी दिशा में निवेश और तेज होगा।

Articles you may like: