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ओमान सागर में अमेरिकी सैन्य जहाज पर हमले का ईरान का दावा

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ा पश्चिम एशिया संकट

By प्रियंका महतो

Jun 04, 2026 19:01 IST

तेहरान : पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। एक ओर इसी सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और इसके सार्थक परिणाम सामने आ सकते हैं। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में सैन्य टकराव और तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब ईरान ने दावा किया है कि उसने ओमान सागर में स्थित एक अमेरिकी सैन्य जहाज को निशाना बनाया है, जिसे वह कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाला पोत बता रहा है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि ईरानी नौसेना ने अमेरिकी सैन्य जहाज को लक्ष्य बनाकर कार्रवाई की। हालांकि अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि ईरान झूठे दावे कर रहा है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तासनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, संबंधित अमेरिकी जहाज एक "कमांड और कंट्रोल सेंटर" के रूप में कार्य कर रहा था। रिपोर्ट में कहा गया कि जब यह जहाज ईरानी समुद्री सीमा की ओर बढ़ रहा था, तब उसे निशाना बनाया गया।

ईरानी सैन्य अधिकारियों ने इस कार्रवाई के पीछे कई कारण बताए हैं। उनके अनुसार, हाल के दिनों में ईरानी वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से संबंधित नियमों के कथित उल्लंघन के जवाब में यह कार्रवाई की गई।

हालांकि ईरानी रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कथित हमले में कितना नुकसान हुआ या किसी प्रकार की जनहानि हुई या नहीं।

ईरान के दावे के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में सेंट्रल कमांड ने कहा, "ईरान झूठ बोल रहा है। समुद्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य संसाधन पूरी तरह सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से अपने संचालन और आवाजाही जारी रखे हुए हैं।"

इससे पहले भी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में ईरान द्वारा पड़ोसी देशों की दिशा में दागे गए कई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को अमेरिकी सेना ने निष्क्रिय किया था।

साथ ही सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने ईरान के केश्म द्वीप पर आत्मरक्षात्मक कार्रवाई भी की है। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में तेहरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए जाने का दावा किया था।

रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि 63 लोग घायल हुए।

हालांकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उक्त हमला उसकी ओर से नहीं किया गया था। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को अस्वीकार करते हुए कहा कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था और इसके पीछे जिम्मेदार तत्वों की पहचान की जा रही है।

इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता जारी है वही दूसरी ओर दोनों देशों के बीच सैन्य आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रहे हैं।

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