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आज रात बदल सकता है आसमान का रंग, धरती से टकरा सकता है सौर तूफान, NASA की चेतावनी

सौर तूफान की वजह से उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के आसमान का रंग बदल सकता है

By Moumita Bhattacharya

Jun 08, 2026 19:41 IST

सूरज के एक सक्रिय क्षेत्र में शक्तिशाली सौर विस्फोट की वजह से अंतरिक्ष में विशाल मात्रा में ऊर्जा और चुम्बकीय कण तेजी से पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्पेस वेदर एजेंसियों ने अनुमान लगाया है कि 8 जून (सोमवार) की रात को पृथ्वी से एक शक्तिशाली जियोमैग्नेटिक तूफान टकरा सकता है।

संभावना जतायी जा रही है कि इस सौर तूफान की वजह से उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के आसमान का रंग बदल सकता है यानी ऑरोरा दिखने की संभावना जतायी गयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार यह विस्फोट सूरज के अतिसक्रिय हिस्से 'एक्टिव रीजन 4461' से शुरू हुआ था। इसी हिस्से से 6 जून को M1.8 क्लास का सोलर फ्लेयर निकला था। इस खास फ्लेयर के साथ एक घना और मैग्नेटिक फिलामेंट व 'कोरोनल मास इजेक्शन' भी था जो तेजी से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।

दावा किया जा रहा है कि यह चुंबकीय बादल अंतरिक्ष में लगभग 1,400 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यात्रा कर रहा है। इस रफ्तार के साथ यह सोमवार यानी आज पृथ्वी से टकरा सकता है।

बताया जाता है कि ये सोलर पार्टिकल्स वायुमंडल में गहराई तक पहुंच सकते हैं और इसी प्रतिक्रिया की वजह से आज (8 जून) की रात को आसमान में रंग-बिरंगे ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं। अंतरिक्ष मौसम पर नजर रखने वाली एजेंसियां इस घटना पर लगातार अपनी नजरें जमा रखी है। साथ ही यह समझने की कोशिश भी की जा रही है कि सौर कणों का चुम्बकीय प्रभाव कितना शक्तिशाली और पृथ्वी पर इसका कितना वास्तविक असर पड़ेगा?

india.com की मीडिया रिपोर्ट की मानें तो आमतौर पर ध्रुवीय क्षेत्रों में दिखने वाला नॉर्दन लाइट्स या 'ऑरोरा' शक्तिशाली सौर गतिविधियों की वजह से निचले अक्षांशों में पहुंच सकती है। इस दौरान आसमान में हरे, लाल, बैंगनी और गुलाबी रंगों की चमकदार लहरें दिखाई दे सकती हैं जो बेहद आकर्षक लगती हैं।

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मजबूत जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म कभी-कभी सैटेलाइट, रेडियो सिग्नल, जीपीएस और बिजली ग्रिड जैसी तकनीकों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और संभावित जोखिमों का आकलन कर रहे हैं।

इसलिए एक्सपर्ट सोमवार रात और उसके बाद के कुछ घंटों को सबसे महत्वपूर्ण बता रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि अगर मौसम साफ रहा तो कम रोशनी वाले इलाकों में लोगों को आसमान में दुर्लभ खगोलीय दृश्य देखने का मौका मिल सकता है।

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