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आरजेडी में MLC उम्मीदवार को लेकर विवाद, रोहिणी आचार्य ने पार्टी नेतृत्व पर साधा निशाना

बिहार विधान परिषद चुनाव में सुनील कुमार सिंह की उम्मीदवारी पर सवाल, कार्यकर्ताओं में असंतोष का दावा।

By श्वेता सिंह

Jun 08, 2026 17:42 IST

पटना: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व द्वारा सुनील कुमार सिंह को एक बार फिर उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई।

हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सुनील कुमार सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव (18 जून) के लिए विधान सभा सचिवालय में अपना नामांकन दाखिल किया। वे पार्टी प्रमुख के परिवार के करीबी माने जाते हैं।

नामांकन के दौरान पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या यह निर्णय पार्टी नेतृत्व की सहमति से लिया गया है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह पूरी तरह सही है और वे हमेशा पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।

रोहिणी आचार्य की सोशल मीडिया पर नाराजगी

इसी बीच रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बिना किसी का नाम लिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार क्यों बनाया गया, जबकि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने लिखा कि यह निर्णय उन कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा कर रहा है, जिन्होंने लंबे समय से संगठन के लिए काम किया है।

कार्यशैली और संगठन पर गंभीर आरोप

रोहिणी आचार्य ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की वजह से संगठन को पहले भी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने पार्टी में गुटबाजी, आंतरिक तोड़फोड़, विश्वासघात और विरोधियों से मिलीभगत जैसे गंभीर मुद्दों का उल्लेख किया।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पार्टी के भीतर व्यक्तिगत लाभ के लिए जानकारी जुटाने और दबाव बनाने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जो संगठन के हित में नहीं है।

जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर सवाल

रोहिणी आचार्य ने कहा कि पार्टी में कई ईमानदार जमीनी कार्यकर्ता, अल्पसंख्यक नेता और युवा प्रतिनिधि मौजूद हैं, जिनमें यादव, दलित, पिछड़ा और वंचित समुदाय के लोग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित लोगों की अनदेखी पार्टी के लिए नुकसानदायक है और यह निर्णय संगठन के हित में नहीं है।

कब और क्यों शुरू हुआ विवाद?

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी को बड़ा नुकसान हुआ था और सीटों की संख्या 75 से घटकर 24 रह गई थी। हार के बाद से ही लालू परिवार में मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रोहिणी आचार्य ने पहले राजनीति से दूरी बनाने और परिवार से संबंध सीमित करने की भी बात कही थी।

वह 2024 लोकसभा चुनाव में सारण सीट से उम्मीदवार थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। राजनीति में उनकी चर्चा तब बढ़ी थी जब उन्होंने अपने पिता को किडनी दान दी थी। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव 18 जून को होना है, जिनमें 9 सीटें नियमित रिक्तियों और 1 सीट उपचुनाव की है। यह सीट जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी।

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