नागौरः राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना उपखंड के बरना गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिजली लाइन का तार टूटकर पशु बाड़े में गिरने से एक किसान की 11 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना के बाद किसान परिवार गहरे सदमे में है, वहीं ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, बरना गांव निवासी किसान नैना राम राइका अपने पशुओं का पालन-पोषण करके परिवार का गुजारा करते हैं। उनकी भेड़ें ही उनकी आय का मुख्य साधन थीं। रोज की तरह सभी भेड़ें खेत में बने बाड़े में बंधी हुई थीं। इसी दौरान बाड़े के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की हाई टेंशन बिजली लाइन का एक तार अचानक टूट गया और सीधे भेड़ों के बीच गिर पड़ा।
तार गिरते ही पूरे बाड़े में तेज करंट फैल गया। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से 11 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करंट इतना तेज था कि भेड़ों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। कुछ ही पलों में किसान की वर्षों की मेहनत और आजीविका का बड़ा सहारा खत्म हो गया।
घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस हादसे पर दुख जताया और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अक्सर मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती करता है, लेकिन जर्जर और ढीली विद्युत लाइनों की मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि कई बार पुराने तारों और बिजली व्यवस्था को ठीक करने की मांग की गई, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि बिजली लाइनों का सही रखरखाव किया जाता, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। इसी कारण लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है और वे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत भेड़ों का आकलन किया। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
पीड़ित किसान नैना राम राइका ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि भेड़ पालन ही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत था और एक साथ 11 भेड़ों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने भी किसान को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता देने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल गांव में इस हादसे को लेकर चर्चा का माहौल है। ग्रामीण चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जर्जर बिजली लाइनों की समय पर मरम्मत और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।